बच्चों के बीच पहुंचे सीएम धामी, अपने हाथों से परोसा भोजन; मातृ-बाल पोषण को बताया प्राथमिकता

बच्चों के बीच पहुंचे सीएम धामी, अपने हाथों से परोसा भोजन; मातृ-बाल पोषण को बताया प्राथमिकता

खटीमा, 05 अक्टूबर 2026 । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को खटीमा के गोसीकुआ भुड़ाई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ आत्मीय समय बिताया, उनसे बातचीत की और उनके मन की बात जानने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन भी परोसा और उनके साथ बैठकर समय बिताया।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर नन्हे-मुन्ने बच्चों को दुलार किया और उनसे बातचीत कर उनके मन की बात जानी। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर आत्मीयता से समय बिताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गोदभराई रस्म में प्रतिभाग कर गर्भवती महिलाओं को आशीर्वाद दिया और 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार सामग्री की किट वितरित की। उन्होंने 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने 5 नन्हे बच्चों का अपने हाथों से अन्नप्राशन संस्कार कराया। इस अवसर पर उन्होंने 9 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं 2 आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान समृद्धि एवं हरियाली के प्रतीक के रूप में पौधरोपण भी किया।

बच्चों और माताओं से किया आत्मीय संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने बच्चों के अलावा गर्भवती महिलाओं, माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं से भी बातचीत की। उन्होंने सरकार की ओर से संचालित योजनाओं और सेवाओं के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ का उद्देश्य सेवा, स्नेह और संवाद को लोगों और परिवारों तक पहुंचाना है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल पोषण उपलब्ध कराने की जगह बच्चों के स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म में भी हिस्सा लिया। उन्होंने 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार सामग्री की किट वितरित की। इसके अलावा 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने पांच नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार अपने हाथों से कराया। इस दौरान नौ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और दो आशा कार्यकर्ताओं को उनके कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पौधरोपण भी किया।

‘कोई बच्चा कुपोषित न रहे’ पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य तथा पोषण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो और हर बच्चे को स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण मिले।

उन्होंने प्रारंभिक बाल्यावस्था को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस दौर में पौष्टिक भोजन, उचित देखभाल, प्रारंभिक शिक्षा और अच्छे संस्कार बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम

सीएम धामी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये कार्यकर्ता बच्चों की देखभाल और पोषण के साथ-साथ सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कार और समग्र विकास से जोड़ना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने माताओं और बच्चों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। इनमें महालक्ष्मी किट योजना, पोषण योजनाएं और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना शामिल हैं।

उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए बर्थ वेटिंग होम, आवश्यकता के अनुसार हेली एंबुलेंस, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया।

स्वस्थ बचपन को बताया मजबूत उत्तराखंड की नींव

सीएम धामी ने कहा कि बच्चों के पोषण और स्वस्थ भविष्य की जिम्मेदारी सरकार के साथ समाज और परिवार की भी है। जब तीनों मिलकर बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा पर ध्यान देते हैं तो मजबूत और स्वस्थ समाज की नींव तैयार होती है।

‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम के जरिए सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को परिवारों के और करीब लाने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दे रही है।