अधर में लटकी आरोग्य मंदिर योजना

           

             "आलोक गौड़ "

 " कबीरा खड़ा बाजार में, मांगे सबकी खैर 
    ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर  "
             
नई दिल्ली l दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिल्लीवासियों को बड़े बड़े सपने दिखाने के साथ ही लंबी चौड़ी घोषणाएं की थीं l उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार के  कार्यकाल के दौरान बनाए गए मोहल्ला क्लीनिक के स्थान पर आरोग्य मंदिर बनाने का ढिंढोरा बड़े जोर शोर से पीटा था l मगर जमीनी हकीकत एकदम इसके विपरीत है l दरअसल आरोग्य मंदिर खुद ही बीमार हैं l
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने  साल 2026 तक पूरी दिल्ली को बेहतर स्वास्थ्य की गारंटी दी है l आरोग्य मंदिर बनाने के लिए न तो जमीन मिल पा रही हैं और न ही अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल पा रहे हैं l इतना ही नहीं आरोग्य मंदिर के लिए फण्ड की किल्लत भी आ रही है l
दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक आरोग्य मंदिर बनाने के लिए जिन जमीनों का चयन किया था, वहां पर क्लीनिक नहीं बन पा रहे हैं l
रेखा सरकार ने आरोग्य मंदिर बनाने के लिए कुल 925 स्थान का चयन किया  था l यह जमीन दिल्ली नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड व दिल्ली विकास प्राधिकरण के स्वामित्व वाली है, लेकिन सरकार अपनी योजना को अमली जामा पहनाने में विफल रही है l 
अधिकारियों के मुताबिक 925 स्थानों में से 224 जगह के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र ही नहीं मिले हैं l  110 जगह को आरोग्य मंदिर बनाने के योग्य नहीं माना जा रहा है l आरोग्य मंदिर के निर्माण के लिए दिल्ली नगर निगम की 429 जमीनों का चयन किया गया था लेकिन उनमें से केवल 98 के लिए ही अनापत्ति प्रमाणपत्र मिल पाए हैं l 162 जमीनों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिले हैं l इसके अलावा जमीनों को लेकर भी रेखा गुप्ता सरकार के सामने कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है l 
मोहल्ला क्लीनिक के स्थान पर आरोग्य मंदिर बनाना ठीक नहीं है l दूसरी जगह पर नए क्लीनिक बनाने और उनका स्तर सुधारने के लिए कम से कम 25 लाख रुपए की आवश्यकता है l जिसकी वजह से कई विभाग आरोग्य मंदिर बनाने के काम में हाथ डालने से बचते फिर रहे हैं l
दिल्ली सरकार के अधिकारियों के मुताबिक जिन स्थानों पर मोहल्ला क्लीनिक बने हुए हैं l उन जगहों पर आरोग्य मंदिर बनाना संभव नहीं है l मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जिन 374 स्थानों पर पहले चरण में आरोग्य मंदिर बनाने की योजना बनाई है उसमें से 133 जगह दिल्ली नगर निगम,104 दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंटेस बोर्ड व 31 जमीन दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधीन हैं l
हैरानी की बात तो यह है कि इस बारे में न तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने और न ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह ने किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया व्यक्त की है l