दिल्ली से हरिद्वार अब डेढ़ घंटे में, 2 महीने में पूरा होगा एक्सप्रेसवे
हरिद्वार, 29 अक्टूबर 2026 | दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि दिल्ली से हरिद्वार की यात्रा का समय घटकर करीब डेढ़ घंटे रह सकता है। उन्होंने 27 अक्टूबर 2026 को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के ‘हाईवेज ऑफ इंडिया’ सम्मेलन में सड़क कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि हरिद्वार को जोड़ने वाला नया मार्ग अगले दो महीनों में तैयार होने की उम्मीद है।
फिलहाल दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने में आमतौर पर करीब तीन से चार घंटे लगते हैं। हालांकि, वास्तविक समय ट्रैफिक, यात्रा के शुरुआती स्थान और सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगा। नया मार्ग चालू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नितिन गडकरी ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सीआईआई के नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंडिया फ्यूचर को संबोधित करते हुए दिल्ली को देहरादून से जोड़ने वाले नए एक्सप्रेसवे के दो माह में तैयार हो जाने की बात कही। इससे यात्रा का समय घटकर केवल डेढ़ घंटा रह जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के लॉजिस्टिक कॉस्ट पहले के 16 फीसदी के मुकाबले घटकर अब 9 फीसदी से भी नीचे आ गए हैं।
51 किलोमीटर लंबा होगा हरिद्वार कॉरिडोर
दिल्ली से हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे से जुड़ा 51 किलोमीटर लंबा, छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड स्पर बनाया जा रहा है। यह मार्ग उत्तर प्रदेश के सहारनपुर क्षेत्र में हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर भगवानपुर और सालियर होते हुए हरिद्वार के पास बहादराबाद क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 से जुड़ेगा।
इस कॉरिडोर का उद्देश्य दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों को हरिद्वार तक पहुंचने के लिए बेहतर संपर्क उपलब्ध कराना है। इससे मौजूदा सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
दिसंबर तक खुलने की उम्मीद, निर्माण कार्य अंतिम चरण में
हरिद्वार स्पर के निर्माण को लेकर सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, परियोजना का 95 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। बहादराबाद टोल प्लाजा के पास एक छोटे हिस्से का काम बाकी बताया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में मार्ग को दिसंबर 2026 में यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य बताया गया है।
नितिन गडकरी ने अगले दो महीनों में परियोजना पूरी होने की समयसीमा बताई है। हालांकि, निर्माण पूरा होने और आम जनता के लिए मार्ग खुलने की तारीख अलग हो सकती है। इसलिए यात्रियों को अंतिम उद्घाटन और यातायात शुरू होने से जुड़ी आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगा फायदा
हरिद्वार देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान, धार्मिक आयोजनों और वीकेंड यात्रा के लिए यहां पहुंचते हैं। नए कॉरिडोर से यात्रा का समय घटने पर श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा मिल सकती है।
इसका लाभ हरिद्वार के होटल, धर्मशालाओं, परिवहन सेवाओं, खानपान और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को भी मिलने की संभावना है। जनवरी 2027 से शुरू होने वाले अर्धकुंभ की तैयारियों के लिहाज से बेहतर सड़क संपर्क महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिक यातायात को संभालने के लिए सड़क कनेक्टिविटी के साथ-साथ स्थानीय यातायात प्रबंधन भी जरूरी होगा।
नितिन गडकरी ने सम्मेलन में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर का उदाहरण देते हुए कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा का समय काफी कम हो सकता है। उन्होंने दिल्ली से मेरठ और दिल्ली से जयपुर के बीच यात्रा समय में आई कमी का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, सड़क परियोजनाएं पर्यटन को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर पैदा करने और माल ढुलाई को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद करती हैं।
दिल्ली-हरिद्वार कॉरिडोर भी इसी व्यापक सड़क संपर्क योजना का हिस्सा है। इसके चालू होने पर यात्रियों को एक बेहतर वैकल्पिक मार्ग मिलने की उम्मीद है।
क्या दिल्ली से हरिद्वार सच में डेढ़ घंटे में पहुंच सकेंगे?
नितिन गडकरी के बयान के अनुसार, नए मार्ग से दिल्ली से हरिद्वार की यात्रा करीब 90 मिनट में पूरी हो सकती है। लेकिन यह अनुमान मार्ग के पूरी तरह चालू होने, यातायात की स्थिति और यात्रा के वास्तविक शुरुआती तथा अंतिम बिंदुओं पर निर्भर करेगा। इसलिए डेढ़ घंटे का समय संभावित यात्रा अवधि है, हर परिस्थिति में इसकी गारंटी नहीं।


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