Samrat Cabinet Decision: पहली बैठक में 22 प्रस्ताव मंजूर, 11 सैटेलाइट शहरों के विकास को हरी झंडी
बिहार , 23 अप्रैल 2026 । राज्य में नई सरकार बनने के बाद सम्राट कैबिनेट की पहली बैठक में बड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे प्रमुख फैसला 11 सैटेलाइट शहरों के विकास से जुड़ा है। इस निर्णय को शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई यह कैबिनेट बैठक करीब एक घंटे तक चली, जिसमें दोनों उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए। कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि इन सभी टॉउनशिप के अपने अलग-अलग नाम होंगे। इससे संबंधित अधिसूचना नगर विकास एवं आवास विभाग के स्तर से जारी होने के साथ ही संबंधित शहरों के आसपास चिन्हित इलाकों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण एवं भूमि के विकास या भवनों के निर्माण पर रोक लग जाएगी। यह अधिसूचना विभाग के स्तर से जल्द जारी होने की संभावना है। यह रोक 2027 तक रहेगी।
सरकार का लक्ष्य तेजी से बढ़ते शहरी दबाव को कम करना और लोगों को बेहतर आवास, परिवहन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। सैटेलाइट शहरों के विकसित होने से बड़े शहरों पर बढ़ती आबादी का बोझ कम होगा और आसपास के क्षेत्रों में भी संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इन प्रस्तावित सैटेलाइट शहरों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें बेहतर सड़क नेटवर्क, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल और कमर्शियल हब भी बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि इन शहरों का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और इसमें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP मॉडल) का भी सहारा लिया जा सकता है। इससे परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन योजनाओं को सही तरीके से लागू किया गया, तो यह न केवल शहरीकरण की समस्याओं को कम करेगा बल्कि आर्थिक विकास को भी नई गति देगा। हालांकि, इसके लिए भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और वित्तीय प्रबंधन जैसी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं की विस्तृत योजना जल्द तैयार की जाए, ताकि इन सैटेलाइट शहरों का विकास समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।


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