नई पीढ़ी के लिए सख्त फैसला: ब्रिटेन में 2008 के बाद जन्मे लोगों पर तंबाकू खरीदने पर रोक
लंदन, 22 अप्रैल 2026 । ब्रिटेन ने सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर एक ऐतिहासिक और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने ऐसा कानून लाने का फैसला किया है, जिसके तहत 2008 के बाद जन्मे लोग कभी भी कानूनी रूप से तंबाकू उत्पाद नहीं खरीद पाएंगे।
ब्रिटेन ने धूम्रपान को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है। अब वहां नई पीढ़ी के लोगों के लिए सिगरेट खरीदना हमेशा के लिए बंद करने की तैयारी हो गई है।
सरकार ने ‘टोबैको एंड वेप्स बिल’ पास कर दिया है। इसके तहत 2008 के बाद पैदा हुए लोग जिंदगी भर तंबाकू से जुड़ी चीजें नहीं खरीद पाएंगे।
संसद से बिल पास हो चुका है और अब सिर्फ किंग चार्ल्स III की औपचारिक मंजूरी बाकी है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। यह पूरे ब्रिटेन यानी इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में लागू होगा।
सरकार ने यह बिल 2024 में पेश किया था और इसे अपनी बड़ी प्राथमिकताओं में रखा था। नए नियम के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से यह कानून लागू होगा।
इस फैसले का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को धूम्रपान की लत से पूरी तरह दूर रखना है। सरकार का मानना है कि अगर युवाओं को शुरुआत में ही तंबाकू से दूर रखा जाए, तो लंबे समय में कैंसर, हृदय रोग और सांस से जुड़ी बीमारियों के मामलों में भारी कमी लाई जा सकती है।
यह कानून “स्मोक-फ्री जनरेशन” की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके तहत हर साल तंबाकू खरीदने की न्यूनतम आयु एक साल बढ़ती जाएगी, जिससे धीरे-धीरे पूरी युवा आबादी तंबाकू उत्पादों से बाहर हो जाएगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे दुनिया के लिए एक उदाहरण बताया है। उनका कहना है कि यह नीति न केवल लोगों की जिंदगी बचाएगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को भी कम करेगी।
हालांकि, कुछ समूहों ने इस पर सवाल भी उठाए हैं, उनका कहना है कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर असर डाल सकता है। इसके बावजूद सरकार अपने फैसले पर कायम है और इसे सार्वजनिक हित में जरूरी बता रही है।
यह कदम वैश्विक स्तर पर तंबाकू नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा बदलाव ला सकता है और अन्य देशों को भी इसी तरह की नीतियां अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।


RashtriyaPravakta