नारी शक्ति वंदन सम्मेलन – महिला सशक्तिकरण की दिशा में नई ऊर्जा और राष्ट्रीय गौरव का संदेश

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन – महिला सशक्तिकरण की दिशा में नई ऊर्जा और राष्ट्रीय गौरव का संदेश

नई दिल्ली,  13 अप्रैल 2026 । नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं की भूमिका को देश के विकास की धुरी बताते हुए उनकी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज की भारतीय नारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राष्ट्र निर्माण, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, विज्ञान, खेल और राजनीति जैसे हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। उनके योगदान से देश का गौरव और गरिमा लगातार बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। चाहे वह वित्तीय समावेशन हो, स्वरोजगार को बढ़ावा देना हो, या फिर सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ी योजनाएं—हर स्तर पर महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है।

इस सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि आज की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों की सफलता, स्टार्टअप्स में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी उपलब्धियां, यह साबित करती हैं कि नारी शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि महिलाओं की उपलब्धियों ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

अंत में, उन्होंने देशवासियों से अपील की कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। एक सशक्त नारी ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है, और यही इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भी है।