छठ से पहले दिल्ली से बिहार के लिए चलेंगी 50+ AC बसें, किराया LG की मंजूरी के बाद तय होगा
नई दिल्ली/बिहार , 29 अक्टूबर 2026 | छठ महापर्व पर बिहार जाने की तैयारी कर रहे दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली सरकार छठ से पहले बिहार के प्रमुख शहरों के लिए 50 से ज्यादा वातानुकूलित लग्जरी बसें चलाने की तैयारी कर रही है। दिल्ली परिवहन विभाग ने इस योजना का प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल टीएस संधू के पास भेज दिया है। उपराज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद बस सेवा शुरू करने, किराया तय करने और टिकट बुकिंग से जुड़ी जानकारी जारी की जाएगी।
- दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि सरकार का लक्ष्य इस साल छठ से पहले बस सेवा शुरू करने का है।
- दिल्ली और बिहार सरकार के बीच इस योजना को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति बन चुकी है।
- उन्होंने बताया कि योजना के तहत पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर समेत बिहार के सात स्थानों को दिल्ली से जोड़ा जाएगा।
- लंबी दूरी को देखते हुए फिलहाल इलेक्ट्रिक बसों के बजाय वोल्वो बसें चलाने की योजना है।
- अधिकारियों के मुताबिक, इन बसों में यात्रियों के सामान के लिए भी पर्याप्त जगह होगी।
- हालांकि, सरकार ने दिल्ली से बिहार के बीच बस चलाने के लिए कुल 18 रूट्स चिन्हित किए हैं लेकिन पहले चरण में सात शहरों के लिए सात रूट्स पर बसें चलेंगी।
- एलजी से अंतिम मंजूरी के बाद ही बसों का किराया भी तय किया जाएगा।
छठ से पहले बस सेवा शुरू करने का लक्ष्य
दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य इस साल छठ महापर्व से पहले बस सेवा शुरू करना है। शुरुआती चरण में 50 से अधिक बसें चलाने की योजना है। दिल्ली और बिहार सरकारों के बीच इस सेवा को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) को मंजूरी मिल चुकी है। अब योजना को अंतिम रूप देने के लिए उपराज्यपाल की स्वीकृति जरूरी है।
त्योहारों के दौरान बिहार जाने वाली ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और कन्फर्म टिकट की कमी के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। ऐसे में सरकारी बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को यात्रा का एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।
बिहार के किन शहरों तक चलेंगी बसें?
योजना के तहत दिल्ली को बिहार के सात स्थानों से जोड़ने की तैयारी है। परिवहन विभाग की ओर से पहले बताए गए प्रमुख गंतव्यों में ये शहर शामिल हैं:
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पटना
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गया
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मुजफ्फरपुर
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दरभंगा
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पूर्णिया
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भागलपुर
सातवें गंतव्य और सभी रूटों का अंतिम विवरण आधिकारिक मंजूरी के बाद स्पष्ट होगा। यात्रियों की मांग और बस सेवा को मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर भविष्य में बसों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
लग्जरी वोल्वो बसों में मिलेंगी ये सुविधाएं
लंबी दूरी को देखते हुए इन मार्गों पर एसी वोल्वो बसें चलाने की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक, बसें करीब 12 मीटर लंबी होंगी और इनमें यात्रियों के सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह होगी। बसें BS-VI उत्सर्जन मानकों के अनुरूप होंगी।
इन बसों का संचालन वेट-लीज मॉडल पर करने की योजना है। इस व्यवस्था में निजी ऑपरेटर बसों की उपलब्धता और संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। फिलहाल लंबी दूरी के इन रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाना व्यावहारिक नहीं माना गया है, क्योंकि रास्तों में पर्याप्त चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
कितना होगा दिल्ली से बिहार का बस किराया?
यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल टिकट के किराये को लेकर है। फिलहाल दिल्ली सरकार ने प्रस्तावित बस सेवा का आधिकारिक किराया घोषित नहीं किया है। अंतिम मंजूरी और संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किराये, समय-सारणी और टिकट बुकिंग के बारे में जानकारी सामने आएगी।
सरकार की योजना का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक परिवहन विकल्प उपलब्ध कराना है। हालांकि, बसों का किराया कितना होगा और अलग-अलग शहरों के लिए टिकट की कीमत में कितना अंतर रहेगा, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए यात्रियों को किसी भी अनौपचारिक किराये को अंतिम नहीं मानना चाहिए।
यात्रियों को कब मिलेगी बुकिंग की जानकारी?
उपराज्यपाल की मंजूरी मिलने और रूटों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद बसों के संचालन की तारीख और टिकट बुकिंग से जुड़ी जानकारी जारी होने की उम्मीद है। यात्रियों को सलाह है कि वे दिल्ली परिवहन विभाग और दिल्ली परिवहन निगम की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें।
अगर योजना तय समय पर शुरू होती है, तो छठ महापर्व के दौरान बिहार जाने वाले यात्रियों को ट्रेन के अलावा एक और विकल्प मिल सकता है। इससे त्योहार के समय यात्रा की मांग को संभालने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।


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