तीन बार के पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का निधन, खेल जगत में शोक

तीन बार के पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का निधन, खेल जगत में शोक

भारतीय खेल जगत से 28 अक्टूबर 2026 को एक दुखद खबर सामने आई है। तीन बार एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के दिग्गज पैरा एथलीट नीरज यादव का 42 साल की उम्र में निधन हो गया। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने भी इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है।

तीन बार के एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट नीरज यादव का मंगलवार रात दिल्ली में निधन हो गया। कोच का दावा है कि उनकी मौत जहर खाने से हुई है। नीरज डोपिंग के चलते 4 साल से प्रतिबंधित थे।

42 साल के नीरज यादव पैरा एथलेटिक्स की F-55 कैटेगरी में हिस्सा लेते थे। इसमें खिलाड़ी बैठकर थ्रो करने वाले इवेंट में हिस्सा लेते हैं।

दिल्ली में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

रिपोर्टों के अनुसार, नीरज यादव मंगलवार रात दिल्ली के मौजपुर इलाके में अपनी कार के पास अचेत अवस्था में मिले थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती खबरों में जहरीला पदार्थ सेवन करने की आशंका जताई गई है। हालांकि, उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच के नतीजों का इंतजार करना जरूरी है। 

एशियन पैरा गेम्स में जीते थे तीन गोल्ड मेडल

नीरज यादव भारत के सफल पैरा एथलीटों में शामिल थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन पैरा गेम्स में तीन स्वर्ण पदक जीते थे।

  • 2018, जकार्ता: पुरुषों की F55 जैवलिन थ्रो स्पर्धा में स्वर्ण पदक।

  • 2023, हांगझोऊ: जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक।

  • 2023, हांगझोऊ: डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक।

उनकी उपलब्धियों ने भारतीय पैरा एथलेटिक्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम योगदान दिया। 2018 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी थी।

बचपन की शारीरिक चुनौती को पीछे छोड़कर बनाई पहचान

उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले नीरज यादव को सात साल की उम्र में पोस्ट-पोलियो रेजिडुअल पैरालिसिस की समस्या का पता चला था। इसके बावजूद उन्होंने खेलों में आगे बढ़ने का संकल्प नहीं छोड़ा। उन्होंने शुरुआत में व्हीलचेयर टेनिस खेला और बाद में पैरा एथलेटिक्स में अपना करियर बनाया।

नीरज F55 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते थे। इस श्रेणी में खिलाड़ी बैठकर शॉट पुट, डिस्कस थ्रो और जैवलिन थ्रो जैसी स्पर्धाओं में हिस्सा लेते हैं। लगातार मेहनत और प्रदर्शन के दम पर उन्होंने देश के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, डोपिंग मामले में प्रतिबंध के कारण नीरज यादव इस महीने आयोजित आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके थे। कुछ रिपोर्टों में इस परिस्थिति के कारण उनके भावनात्मक तनाव में होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, उनके निधन का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने भी इस संबंध में अटकलें लगाने से बचने की बात कही। इसलिए डोपिंग प्रतिबंध और उनकी मौत के बीच किसी सीधे संबंध को स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता। 

जांच के बाद सामने आएगी मौत की वजह

नीरज यादव के निधन से भारतीय पैरा खेल जगत में शोक है। उन्होंने शारीरिक चुनौतियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित की और देश के लिए तीन एशियन पैरा गेम्स स्वर्ण पदक जीते। फिलहाल उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है। आधिकारिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।