अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तंज, बोले- क्या अब मंत्रियों के विभाग भी ऊपर से तय होंगे?

अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तंज, बोले- क्या अब मंत्रियों के विभाग भी ऊपर से तय होंगे?

उत्तर प्रदेश, 15 मई 2026 । समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि “पहले मंत्रियों के नाम ऊपर से तय हुए, अब क्या उनके विभागों की पर्ची भी ऊपर से आएगी?”

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार को पता है कि यह उसका आखिरी कार्यकाल है, इसलिए उसके नेता दसों हाथों से पैसा बटोरना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूक जनता भाजपा को उसके गंदे मंसूबों में सफल नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नीत उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के तहत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को जन भवन में आयोजित समारोह में 6 नए समेत कुल 8 मंत्रियों को शपथ दिलाई थी। हालांकि, अब तक मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है।

अखिलेश यादव का यह बयान राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में फैसले लेने की स्वतंत्रता सीमित होती जा रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार के भीतर सभी महत्वपूर्ण निर्णय केंद्रीय स्तर से प्रभावित दिखाई देते हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों से परेशान है, लेकिन सरकार राजनीतिक प्रबंधन और प्रचार में अधिक व्यस्त नजर आ रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि जनता अब वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है।

वहीं भाजपा नेताओं ने अखिलेश यादव के बयान को राजनीतिक निराशा बताया है। भाजपा का कहना है कि सरकार पूरी पारदर्शिता और संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत काम कर रही है तथा विपक्ष केवल बयानबाजी के जरिए राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है। विपक्ष लगातार सरकार को प्रशासनिक फैसलों और संगठनात्मक मुद्दों पर घेरने की रणनीति अपना रहा है।

हाल के दिनों में राज्य की राजनीति में मंत्रीमंडल विस्तार, विभागों के बंटवारे और संगठनात्मक बदलावों को लेकर चर्चाएं तेज रही हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का यह बयान राजनीतिक बहस को और हवा दे सकता है।