सोने की चमक पड़ी फीकी, 24 कैरेट गोल्ड ₹920 सस्ता होकर ₹1.47 लाख के करीब पहुंचा
नई दिल्ली, 06 अक्टूबर 2026 । त्योहारी सीजन के बीच सोने की कीमतों में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली है। 6 अक्टूबर 2026 को सामने आई IBJA आधारित रिपोर्ट के मुताबिक 24 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम पर ₹920 घटकर करीब ₹1.47 लाख रह गया। इसके साथ ही चांदी की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई।
सोने-चांदी के दाम में यह बदलाव ऐसे समय आया है जब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों पर डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों का असर बना हुआ है।
सोने-चांदी के दाम में आज यानी 6 अक्टूबर को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 920 रुपए गिरकर 1.47 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं एक किलो चांदी 3,176 रुपए सस्ती होकर 2.21 लाख रुपए पर पहुंच गई है।
IBJA के आंकड़ों के आधार पर 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹920 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। गिरावट के बाद इसका भाव करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम बताया गया है।
हालांकि, अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के रेट में अंतर हो सकता है। 6 अक्टूबर की दूसरी बाजार रिपोर्टों में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1.49 लाख से ऊपर भी दर्ज की गई है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर का ताजा रेट जरूर जांचना चाहिए।
चांदी के भाव में भी गिरावट
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी दिखाई दी। IBJA आधारित रिपोर्ट के अनुसार चांदी करीब ₹3,176 प्रति किलोग्राम सस्ती होकर लगभग ₹2.21 लाख प्रति किलो के आसपास पहुंच गई।
वहीं, दिन के अलग समय पर चांदी के रेट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसका मतलब है कि बुलियन मार्केट में कीमतें लगातार बदल रही हैं और एक ही दिन में अलग-अलग समय पर अलग भाव सामने आ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से सोने पर दबाव बना हुआ है। ऐसी परिस्थितियों में निवेशकों के लिए गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति के रूप में सोने की आकर्षकता प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सोने की मांग को समर्थन भी मिलता है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।
सोने के रेट में लगातार बदलाव
हाल के दिनों में सोने की कीमतों में तेजी और गिरावट दोनों देखने को मिली हैं। 5 अक्टूबर को भी घरेलू बुलियन बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद 6 अक्टूबर को भी कमजोरी की खबर सामने आई।
हालांकि, अलग-अलग स्रोतों में कीमतों का स्तर अलग दिखाई दे रहा है। इसका मुख्य कारण रेट का समय, बाजार, शुद्धता और इस्तेमाल किए गए बेंचमार्क में अंतर हो सकता है।
खरीदारी करने वालों के लिए क्या मायने?
अगर आप सोने की ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो केवल 24 कैरेट के बेस रेट को देखकर अंतिम कीमत तय नहीं करनी चाहिए। ज्वेलरी की कीमत में शुद्धता के अलावा मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और GST जैसे घटक भी जुड़ते हैं।
इसलिए ग्राहक को खरीदारी से पहले 22 कैरेट और 24 कैरेट दोनों के रेट, मेकिंग चार्ज और अंतिम बिल की कीमत की तुलना करनी चाहिए।
फिलहाल सोने की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों का असर बना हुआ है। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में भी कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेश या खरीदारी का फैसला लेते समय केवल एक दिन की तेजी या गिरावट के बजाय अपनी जरूरत, समयावधि और बाजार के ताजा भाव को ध्यान में रखना जरूरी है।


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