राज्यसभा उम्मीदवारों पर अंतिम मंथन तेज, बीएल संतोष ने सीएम योगी से की मुलाकात

राज्यसभा उम्मीदवारों पर अंतिम मंथन तेज, बीएल संतोष ने सीएम योगी से की मुलाकात

लखनऊ, 05 अक्टूबर 2026 । उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी की ओर से उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी होने से पहले पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है।

बीजेपी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नाम आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किए हैं। ऐसे में बीएल संतोष और सीएम योगी की मुलाकात को उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, बैठक में किस नाम पर अंतिम सहमति बनी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

बीजेपी के राज्‍यसभा उम्‍मीदवारों की घोषणा से पहले यह बैठक काफी महत्‍वपूर्ण मानी जा रही है। छह अक्‍टूबर राज्‍यसभा चुनाव के लिए नामांकन का अंतिम दिन है। ऐसे में माना जा रहा है कि सोमवार को किसी भी वक्‍त बीजेपी अपने उम्‍मीदवारों का ऐलान कर सकती है।

6 अक्टूबर है नामांकन की आखिरी तारीख

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर 2026 है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।

जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन मतगणना की जाएगी।

इस समयसीमा को देखते हुए बीजेपी के लिए उम्मीदवारों के नाम तय कर नामांकन दाखिल कराने के लिए अब बहुत कम समय बचा है।

बीजेपी ने खरीदे हैं कई नामांकन फॉर्म

रिपोर्टों के मुताबिक, बीजेपी की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिए नौ नामांकन फॉर्म खरीदे गए हैं। इससे उम्मीदवारों की संख्या को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि, नामांकन फॉर्म खरीदे जाने का मतलब यह नहीं है कि सभी संबंधित नामों को उम्मीदवार बनाया जाएगा।

बीजेपी की आधिकारिक सूची आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पार्टी किन चेहरों को मैदान में उतारती है।

यूपी में 10 सीटों पर होना है चुनाव

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए यह चुनाव हो रहा है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए बीजेपी के लिए कई सीटों पर स्थिति मजबूत बताई जा रही है, जबकि समाजवादी पार्टी ने राम गोपाल यादव और धनराज नाथवानी को अपने उम्मीदवार के रूप में नामांकित किया है।

बीजेपी के सामने आठवीं सीट को लेकर भी रणनीति बनाने की स्थिति है, जबकि सपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार को उतारने की संभावना की चर्चा है। अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में आने पर चुनाव में मतदान की जरूरत होगी।

उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण

बीजेपी की ओर से संभावित उम्मीदवारों को लेकर कई नाम पिछले दिनों चर्चा में रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों से जुड़े कई नेताओं के नाम संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आए हैं।

हालांकि, इनमें से किसी भी नाम को आधिकारिक उम्मीदवार मानना तब तक उचित नहीं होगा, जब तक बीजेपी की ओर से सूची जारी नहीं की जाती। पार्टी की पिछली बैठकों में उम्मीदवारों के चयन के दौरान सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं पर विचार किए जाने की रिपोर्टें सामने आई हैं।

सीएम योगी से मुलाकात के बाद बीएल संतोष के सुल्तानपुर जाने की जानकारी सामने आई है। वहां काशी क्षेत्र में बीजेपी और आरएसएस की समन्वय बैठक प्रस्तावित है। इसमें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ संघ के पदाधिकारी भी शामिल होने वाले हैं।

इस बैठक में संगठनात्मक मुद्दों के साथ आगामी चुनावों की तैयारियों और फीडबैक पर चर्चा की जानकारी सामने आई है।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले भी महत्वपूर्ण दौर

राज्यसभा चुनाव ऐसे समय हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी राजनीतिक दलों के स्तर पर चल रही हैं। इसलिए उम्मीदवार चयन के साथ बीजेपी की संगठनात्मक गतिविधियों पर भी नजर बनी हुई है।

हालांकि राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को सीधे विधानसभा चुनाव की रणनीति का अंतिम संकेत मानना उचित नहीं होगा। फिलहाल सबसे तत्काल चुनौती 6 अक्टूबर की नामांकन समयसीमा है। बीजेपी की आधिकारिक सूची आने के बाद ही यह साफ होगा कि पार्टी किन नेताओं को राज्यसभा के लिए मैदान में उतारती है।