पैरा-शूटरों का बड़ा आरोप- चयन के बदले इनामी राशि में 20% कमीशन मांग रहे अधिकारी

पैरा-शूटरों का बड़ा आरोप- चयन के बदले इनामी राशि में 20% कमीशन मांग रहे अधिकारी

Aichi-Nagoya Para Asian Games 2026 से पहले भारतीय पैरा-शूटिंग में चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ पैरा-शूटरों ने भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) और उसकी शूटिंग टेक्निकल कमेटी से जुड़े अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खिलाड़ियों का दावा है कि टीम में चयन के लिए उनसे सरकारी पुरस्कार राशि में 20 प्रतिशत कमीशन देने की मांग की जा रही थी।

खिलाड़ियों ने इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर, PCI ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भारतीय टीम का चयन पूरी तरह योग्यता और तय मानदंडों के आधार पर किया गया है।

शूटर्स ने बताया कि पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के अधिकारियों और शूटिंग टेक्निकल कमेटी के सदस्य कमीशन मांगने वाले लोगों में शामिल हैं। शूटर्स ने क्वॉलिफाइंग स्कोर में हेरफेर और चयन समिति में बदलाव किए जाने के आरोप भी लगाए हैं।

खिलाड़ियों ने SAI महानिदेशक से पूरे मामले की जांच की मांग की है। पांचवें पैरा एशियन गेम्स 18 से 14 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होना है। यहीं 20वें एशियन गेम्स भी हुए हैं।

खिलाड़ियों ने SAI को भेजी शिकायत

पैरा-शूटरों ने अपनी शिकायत भारतीय खेल प्राधिकरण यानी SAI के महानिदेशक को सौंपी है। इसमें उन्होंने चयन प्रक्रिया में कथित वित्तीय भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और नियमों के उल्लंघन की जांच की मांग की है।

शिकायत में खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों और शूटिंग टेक्निकल कमेटी की भूमिका पर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

इनामी राशि में 20% कमीशन मांगने का दावा

शूटरों की शिकायत में सबसे गंभीर आरोप सरकारी नकद पुरस्कार से जुड़ा है। खिलाड़ियों का दावा है कि चयन के लिए उनसे सरकार की ओर से मिलने वाली पुरस्कार राशि का 20 प्रतिशत कमीशन देने को कहा गया।

आरोप है कि इस तरह की कथित मांग को चयन प्रक्रिया से जोड़कर खिलाड़ियों पर दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच अभी बाकी है और किसी अधिकारी के खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं।

खिलाड़ियों ने केवल पैसे मांगने का आरोप ही नहीं लगाया है। उनका दावा है कि कुछ खिलाड़ियों को फायदा पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कोटा और क्वालीफाइंग स्कोर में भी कथित तौर पर हेरफेर किया गया।

कुछ प्रदर्शनकारी निशानेबाजों ने सवाल उठाया कि बेहतर रैंकिंग और प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टीम में जगह क्यों नहीं मिली, जबकि कम रैंक वाले कुछ खिलाड़ियों का चयन किया गया।

Asian Para Games से पहले विवाद

Aichi-Nagoya Para Asian Games 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक होने हैं। प्रतियोगिता से ठीक पहले चयन प्रक्रिया को लेकर सामने आए आरोपों ने भारतीय पैरा-शूटिंग को चर्चा में ला दिया है।

8 अक्टूबर को एशियन पैरा गेम्स के लिए भारतीय दल की विदाई समारोह के दौरान भी कई पैरा-शूटरों और कोचों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चयन प्रक्रिया में कथित पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।

PCI ने आरोपों को किया खारिज

इन आरोपों पर भारतीय पैरालंपिक समिति ने अलग रुख अपनाया है। PCI का कहना है कि टीम का चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया गया है और चयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया।

इसलिए फिलहाल मामले में दो अलग-अलग दावे सामने हैं। खिलाड़ियों ने स्वतंत्र जांच की मांग की है, जबकि PCI ने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और योग्यता आधारित बताया है। अंतिम स्थिति किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी।

पैरा-शूटरों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उनका जोर इस बात पर है कि चयन में रैंकिंग, प्रदर्शन और तय मानदंडों को स्पष्ट तरीके से लागू किया जाए।

अब इस मामले में स्वतंत्र जांच होती है या नहीं और संबंधित संस्थाएं खिलाड़ियों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई करती हैं, इस पर नजर रहेगी।