रिश्वतखोरी पर कार्रवाई: अस्पताल का सीनियर क्लर्क 1 लाख लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, एरियर भुगतान के बदले मांगी थी घूस
समस्तीपुर, 30 अप्रैल 2026 । भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एक अस्पताल के सीनियर क्लर्क को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने एक कर्मचारी के लंबित एरियर भुगतान को जारी करने के बदले यह रकम मांगी थी।
ब्यूरो सूत्रों ने आज बताया कि समस्तीपुर जिले के शिवाजीनगर थाना क्षेत्र निवासी और परिवादी देवेन्द्र मंडर ने पटना ब्यूरो के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि लिपिक अनिल राम के द्वारा बकाया वेतन, वेतन अंतर राशि, दोनों मिलाकर 37,00,000/- रुपया का भुगतान के लिए तथा पेंशन संबंधित कार्य करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित कर्मचारी से क्लर्क ने फाइल आगे बढ़ाने और एरियर जारी कराने के लिए पैसे की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता/एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते समय पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान मौके से नकदी भी बरामद की गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की अवैध वसूली में शामिल हो सकता है। अब अधिकारियों द्वारा उसके रिकॉर्ड और पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और लोगों से भी इसी तरह पैसे तो नहीं लिए गए।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। साथ ही, संबंधित विभाग ने उसे निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को उजागर किया है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी भी प्रकार की रिश्वत मांगता है, तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित एजेंसियों से करें।


RashtriyaPravakta