“बिहारी होने की वजह से हत्या अस्वीकार्य” – डिलीवरी बॉय केस पर Chirag Paswan का सख्त बयान
नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2026 । डिलीवरी बॉय की कथित तौर पर क्षेत्रीय पहचान (बिहारी होने) के कारण हुई हत्या के मामले ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख , केन्द्र सरकार में मंत्री चिराग पासवान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान के आधार पर उसकी जान लेना सभ्य समाज में बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।
बिहारी होने की वजह से किसी की जान ली जाए ये निंदनीय
हमारी पार्टी के सांसद कमेटी दौरे पर थे मगर वे दौरे को बीच में से छोड़कर आज शाम तक पीड़ित परिवार से मिलेंगे। पीड़ित परिवार से मिलने के बाद वे उनसे जानकारी लेंगे और फिर उसी के आधार पर हम गृह मंत्री से बातचीत करेंगे। इस बात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि बिहारी होने की वजह से किसी की जान ली जाए... कार्रवाई हुई है... दोनों सरकार इस बात को सुनिश्चित करेगी कि ऐसा दोबारा न हो।आप को बता दें कि दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने मामूली कहासुनी के बाद एक फूड डिलीवरी एजेंट की गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात में एक अन्य युवक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
चिराग पासवान ने इस घटना को न सिर्फ अमानवीय बताया, बल्कि इसे देश की सामाजिक एकता और भाईचारे के लिए गंभीर खतरा भी करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां हर नागरिक को कहीं भी रहने और काम करने का समान अधिकार है। ऐसे में किसी व्यक्ति को उसकी क्षेत्रीय पहचान के कारण निशाना बनाना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
उन्होंने संबंधित राज्य सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और न्याय दिलाने की बात भी कही। चिराग पासवान ने यह भी कहा कि अगर इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई, तो इससे समाज में विभाजन और असुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर और कर्मचारी पहले ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या क्षेत्रीय भेदभाव आज भी समाज में गहराई से मौजूद है।
राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है और एकजुट होकर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।


RashtriyaPravakta