कांग्रेस की मांग: अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच हो, न्याय पर उठे सवाल
देहरादून, 23 दिसंबर 2025 । अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि अब तक की कार्रवाई से पीड़ित परिवार को पूरा न्याय मिलता नहीं दिख रहा है। पार्टी का आरोप है कि मामले में प्रभावशाली लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है।
क्यों उठी CBI जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था, लेकिन समय बीतने के बावजूद कई अहम सवाल अनुत्तरित हैं। पार्टी के अनुसार, स्थानीय स्तर पर जांच में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर संदेह बना हुआ है। ऐसे में CBI जांच से सच्चाई सामने आ सकती है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने में मदद मिलेगी।
पीड़ित परिवार के न्याय की बात
कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि अंकिता भंडारी के परिवार को आज भी न्याय का इंतजार है। पार्टी का दावा है कि परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है और राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। वहीं, सरकार की ओर से कहा गया है कि जांच प्रक्रिया कानून के तहत चल रही है और किसी को बचाने का सवाल ही नहीं उठता।
सार्वजनिक आक्रोश और सामाजिक दबाव
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर समय-समय पर सार्वजनिक आक्रोश भी देखने को मिला है। महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण जैसे मुद्दे इस केस के साथ जुड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में तेज और निष्पक्ष जांच ही समाज का भरोसा कायम रख सकती है।
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार CBI जांच की मांग पर क्या रुख अपनाती है। अगर यह मांग स्वीकार होती है, तो मामले में नए सिरे से जांच की दिशा तय होगी। वहीं, अगर मांग ठुकराई जाती है, तो राजनीतिक और सामाजिक दबाव और बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर, कांग्रेस की CBI जांच की मांग ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। यह मामला केवल एक अपराध तक सीमित नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और जवाबदेही की कसौटी बन चुका है।


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