नई दिल्ली नगरपालिका परिषद की ऐतिहासिक पहल
- छात्रों के करियर मार्गदर्शन और वैज्ञानिक अभिरुचि बढ़ाने हेतु दो अहम समझौते
नई दिल्ली, 24 सितंबर 2025। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने शिक्षा के क्षेत्र में दो ऐतिहासिक कदम उठाते हुए छात्रों के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम
एनडीएमसी ने आईड्रीम करियर और आसमान फाउंडेशन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के अंतर्गत एनडीएमसी और नवयुग स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को व्यापक करियर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
उद्देश्य: आत्म-जागरूकता, करियर की तैयारी और जीवन कौशल का विकास।
मुख्य विशेषताएँ:
कक्षा 6–8 के छात्रों के लिए आत्म-जागरूकता व करियर समूहों का परिचय।
कक्षा 9 से साइकोमेट्रिक मूल्यांकन, व्यक्तिगत व समूह परामर्श।
कक्षा 9 में स्ट्रीम चयन तथा कक्षा 12 के बाद शिक्षा/व्यवसाय के मार्ग पर विशेष मार्गदर्शन।
माता-पिता और शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन सत्र।
कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए इंटरैक्टिव हेल्पलाइन।
विशेष प्रावधान: शिक्षकों का प्रशिक्षण, परामर्शदाताओं की तैनाती, और मज़बूत मॉनिटरिंग तंत्र।
यह कार्यक्रम अगले तीन वर्षों तक लागू रहेगा, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकेगा।
वैज्ञानिक अभिरुचि को बढ़ावा
एनडीएमसी ने छात्रों में विज्ञान और नवाचार की रुचि को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र (एनएससी), प्रगति मैदान के साथ भी एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
लाभार्थी: 5,000 से अधिक छात्र विज्ञान केंद्र की निर्देशित यात्राओं और इंटरैक्टिव शो का हिस्सा बनेंगे।
विशेष पहल:
1,200 छात्रों को रोबोटिक्स, जैव प्रौद्योगिकी और उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष सत्र।
एनडीएमसी स्कूलों के विज्ञान शिक्षकों को कम लागत वाले शिक्षण उपकरण विकसित करने का प्रशिक्षण।
एनडीएमसी की निदेशक (शिक्षा) सुश्री कृतिका चौधरी ने कहा कि “यह सहयोग छात्रों की वैज्ञानिक सोच को मज़बूत करने के साथ-साथ उन्हें नवाचार और खोज की ओर प्रेरित करेगा। यह माननीय प्रधानमंत्री के विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में एक सशक्त कदम है।”
निष्कर्ष
इन दोनों साझेदारियों से एनडीएमसी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहती है बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार भी कर रही है। करियर मार्गदर्शन और वैज्ञानिक अभिरुचि का यह संगम आने वाली पीढ़ी को आत्मविश्वासी, जागरूक और नवाचार-प्रधान नागरिक बनाएगा।


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