वैश्विक व्यापार पर असर—होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की तैयारी, तेल बाजार में हलचल

वैश्विक व्यापार पर असर—होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की तैयारी, तेल बाजार में हलचल

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन , 31  मार्च 2026 । ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। यह कदम वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर डाल सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्लान के तहत जहाज ईरान को उसकी राष्ट्रीय मुद्रा रियाल में टोल देंगे। इसका अलावा प्लान में अमेरिका और इजराइल से जुड़े जहाजों की एंट्री पर रोक लगाने का प्रावधान भी शामिल है।

हालांकि, यह प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है और इसे लागू होने से पहले संसद, गार्जियन काउंसिल और राष्ट्रपति की मंजूरी लेनी होगी। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल सप्लाई का अहम मार्ग है, ऐसे में इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।

इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उन्हें नहीं पता ईरान के साथ चल रही जंग कब खत्म होगी। इसका समय तय नहीं किया जा सकता।

Strait of Hormuz से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस गुजरती है। ऐसे में अगर यहां से गुजरने वाले जहाजों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और शिपिंग लागत में इजाफा होना तय माना जा रहा है।

Iran का तर्क है कि वह इस जलमार्ग की सुरक्षा और निगरानी में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए टोल लगाना उचित है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रस्ताव को लेकर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि यह वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से खासतौर पर एशियाई देशों—जैसे भारत, चीन और जापान—पर सीधा असर पड़ेगा, जो बड़ी मात्रा में तेल आयात करते हैं। शिपिंग कंपनियों की लागत बढ़ने से इसका असर अंततः उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।

कूटनीतिक दृष्टि से भी यह कदम संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि Strait of Hormuz अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इस पर किसी एक देश द्वारा टोल लगाने का मुद्दा वैश्विक विवाद का कारण बन सकता है।

कुल मिलाकर, यह प्रस्ताव अगर लागू होता है, तो न सिर्फ ऊर्जा बाजार बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यापार संतुलन पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है।