मिथॉस AI का खतरा: बैंकिंग सिस्टम पर बढ़ते साइबर हमलों की नई चुनौती

मिथॉस AI का खतरा: बैंकिंग सिस्टम पर बढ़ते साइबर हमलों की नई चुनौती

नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2026 । तेजी से विकसित हो रही Artificial Intelligence तकनीक जहां एक ओर कई क्षेत्रों में क्रांति ला रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधियों के लिए भी नए रास्ते खोल रही है। हाल ही में “मिथॉस AI” जैसे एडवांस्ड टूल्स को लेकर चिंता बढ़ी है, जिनके जरिए बैंकिंग सिस्टम पर बड़े साइबर हमलों का खतरा पैदा हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे AI टूल्स का इस्तेमाल करके हैकर्स अत्यधिक सटीक फिशिंग अटैक, डीपफेक पहचान धोखाधड़ी और ऑटोमेटेड हैकिंग प्रयासों को अंजाम दे सकते हैं। इससे बैंकिंग सेक्टर, जो पहले से ही डिजिटल ट्रांजैक्शन पर निर्भर है, ज्यादा संवेदनशील हो जाता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के 'क्लॉड मिथॉस' AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं।