NEET मामले में नया खुलासा: लातूर का कोचिंग डायरेक्टर कभी था पार्ट-टाइम टीचर, जांच में सामने आए कई तथ्य
नई दिल्ली, 20 मई 2026 । मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET से जुड़े मामले में जांच के दौरान एक नया खुलासा सामने आया है। लातूर के चर्चित कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर को लेकर जानकारी मिली है कि वह पहले एक पार्ट-टाइम टीचर के रूप में काम करता था और बाद में कोचिंग कारोबार में तेजी से उभरा। इस खुलासे के बाद मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
CBI को सुराग मिले हैं कि पिछले साल भी NEET का पेपर परीक्षा से पहले महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेनुकाई करियर सेंटर (RCC) तक पहुंचा था।
कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की पेपर लीक नेटवर्क से पुरानी सांठगांठ भी सामने आई है। उसकी नेटवर्थ ₹1500 करोड़ बताई जा रही है
भास्कर ने इस कोचिंग से NEET 2025 में सफल छात्रों की पड़ताल की। इसमें 19 छात्रों का AIIMS में सिलेक्शन मिला।
2 छात्रों का AIIMS दिल्ली, 5 का हैदराबाद और 3-3 का भोपाल व वाराणसी AIIMS में सिलेक्शन हुआ। नागपुर, देवघर, गोरखपुर, राजकोट, रायपुर और मंगलगिरी AIIMS में भी एक-एक छात्र पहुंचे।
NEET पेपर लीक की कड़ियां अब जुड़ने लगी हैं। इस मामले में पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और फिर बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे अरेस्ट हुईं। अब NEET एग्जाम कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अफसर के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है।
जांच एजेंसियां फिलहाल कोचिंग संस्थान के संचालन, आर्थिक लेनदेन और परीक्षा से जुड़े संभावित नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, डायरेक्टर ने कुछ वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में तेजी से प्रभाव बनाया और बड़े स्तर पर छात्रों को मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने का दावा किया। अब जांच में उसके पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और संस्थान के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
मामले के सामने आने के बाद अभिभावकों और छात्रों के बीच चिंता बढ़ गई है। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं, ऐसे में नए खुलासों ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोचिंग इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ते कारोबार और प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव के कारण कई संस्थान अत्यधिक प्रभावशाली बन गए हैं। ऐसे मामलों में सख्त निगरानी और पारदर्शी जांच जरूरी मानी जा रही है ताकि छात्रों का भरोसा बना रहे।
फिलहाल जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में कई अन्य अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।


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