पंजाब की राजनीति में निजी टिप्पणी से बढ़ा विवाद, भगवंत मान और राघव चड्ढा पर रंधावा का तंज

पंजाब की राजनीति में निजी टिप्पणी से बढ़ा विवाद, भगवंत मान और राघव चड्ढा  पर रंधावा का तंज

चंडीगढ़, 29 अप्रैल 2026 । पंजाब की सियासत में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावाने मुख्यमंत्री Bhagwant Mann पर निजी टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर वे मुख्यमंत्री नहीं बनते, तो उनकी दूसरी शादी भी नहीं होती। इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और इसे व्यक्तिगत जीवन पर हमला माना जा रहा है।

रंधावा ने सांसदों के दल-बदल पर भी सवाल उठाते हुए उनकी संपत्ति और नैतिकता को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि खुद को “आम आदमी” बताने वाले नेताओं के पास करोड़ों की संपत्ति है, जो उनकी छवि पर सवाल खड़े करती है। इसके अलावा, उन्होंने यह आशंका भी जताई कि कहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान भी भविष्य में भाजपा में शामिल न हो जाएं। रंधावा के इस बयान के बाद पंजाब की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।

रंधावा यहीं नहीं रुके, उन्होंने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता Raghav Chadha को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेता राजनीतिक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए व्यक्तिगत और भावनात्मक मामलों को आगे लाते हैं।

इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह टिप्पणी न केवल असंवेदनशील है, बल्कि यह राजनीति के स्तर को भी गिराती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच नेताओं की बयानबाज़ी अब व्यक्तिगत दायरे में पहुंचती जा रही है, जो लोकतांत्रिक संवाद के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इस तरह के बयान न सिर्फ मुद्दों से ध्यान हटाते हैं, बल्कि जनता के बीच गलत संदेश भी देते हैं।

पंजाब में पहले से ही कई अहम मुद्दे जैसे कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और विकास को लेकर बहस चल रही है, लेकिन इस तरह के व्यक्तिगत हमले राजनीतिक विमर्श को भटका सकते हैं।