दो सड़क हादसों में जवान समेत 2 की मौत—लापरवाही और तेज रफ्तार बनी जानलेवा, परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
पूर्वी चंपारण, 10 अप्रैल 2026 । बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में शुक्रवार को दो अलग-अलग स्थानों पर हुए दो दर्दनाक सड़क हादसों में एक सेना के जवान सहित दो लोगों की मौत हो गई, जिससे दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई। इन घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को गंभीरता से सामने ला दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पहली घटना संग्रामपुर थाना क्षेत्र की है, जहां छुट्टी पर घर आए सेना के जवान संग्रामपुर के मठिया निवासी अशोक कुमार सिंह उफर् बब्लू की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह अवकाश पर अपने घर आए हुए और 18 अप्रैल को उन्हें वापस ड्यूटी पर लौटना था। श्री सिंह को एक लकड़ी लदे ओवरलोडेड ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रक चालक फरार हो गया है। प्रारंभिक जांच में ट्रक की तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
पहले हादसे में सेना का एक जवान ड्यूटी से लौटते समय दुर्घटना का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि वाहन की तेज रफ्तार और संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। जवान की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे गांव और परिवार में मातम छा गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।
दूसरा हादसा भी कम दर्दनाक नहीं था, जिसमें एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह दुर्घटना भी तेज रफ्तार और लापरवाही का परिणाम थी। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क हादसों के पीछे अक्सर ओवरस्पीडिंग, लापरवाही, खराब सड़कें और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी प्रमुख कारण होते हैं। ऐसे में लोगों को स्वयं भी सतर्क रहने और नियमों का पालन करने की जरूरत है।
इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सड़क पर छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन द्वारा सख्त नियमों के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।


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