'द केरला स्टोरी' 2 में गीत लिखना बड़ी जिम्मेदारी, संगीतकारों पर रहेगा खास दबाव

'द केरला स्टोरी'  2 में गीत लिखना बड़ी जिम्मेदारी, संगीतकारों पर रहेगा खास दबाव

नई दिल्ली , 18 मार्च 2026 ।  फिल्म इंडस्ट्री में चर्चित रही The Kerala Story के सीक्वल The Kerala Story 2 को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्सुकता है। ऐसे में इस फिल्म के लिए गीत लिखना किसी भी गीतकार के लिए बड़ी जिम्मेदारी बन गया है।

फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ में ‘घूमर’ गीत लिखने वाले गीतकार साहिल सुल्तानपुरी इन दिनों चर्चा में हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बताया कि यह गाना उन्होंने दुर्गा पूजा के दौरान एक रात में लिखा। साहिल कहते हैं कि गाना मां भवानी, राजस्थानी संस्कृति और भारतीय परंपरा से प्रेरित है, इसलिए इसे लिखते समय जिम्मेदारी भी ज्यादा महसूस हुई।

उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को लेकर हुए विवाद से ज्यादा जरूरी है कि दर्शक खुद थिएटर जाकर फिल्म देखें और फैसला करें। बातचीत में उन्होंने अपने संघर्ष, इंडस्ट्री के अनुभव और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर भी खुलकर बात की।

पहली फिल्म की कहानी और उसके विषय ने समाज में व्यापक चर्चा छेड़ी थी, जिसके कारण इसके गाने भी उसी भावनात्मक और गंभीर टोन को दर्शाने वाले थे। अब सीक्वल में गीतकारों के सामने चुनौती यह है कि वे कहानी की संवेदनशीलता, सामाजिक संदर्भ और भावनात्मक गहराई को शब्दों में उतारें, ताकि गाने सिर्फ मनोरंजन न होकर कहानी को आगे बढ़ाने में भी मदद करें।

फिल्म के संगीत में केवल धुन ही नहीं, बल्कि शब्दों की ताकत भी अहम भूमिका निभाती है। खासकर ऐसी फिल्मों में जहां विषय संवेदनशील हो, वहां गीतों को बेहद संतुलित और जिम्मेदारी के साथ लिखा जाता है। गलत संदेश या विवादित पंक्तियां फिल्म की छवि को प्रभावित कर सकती हैं।

बताया जा रहा है कि मेकर्स इस बार संगीत और लिरिक्स पर खास ध्यान दे रहे हैं, ताकि फिल्म का संदेश प्रभावी तरीके से दर्शकों तक पहुंचे। गीतों में भावनात्मक अपील, सच्चाई और कहानी के अनुरूप गहराई होना जरूरी होगा।

इस तरह The Kerala Story 2 के लिए गीत लिखना सिर्फ एक रचनात्मक काम नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी बन गया है, जहां हर शब्द का चयन सोच-समझकर करना होगा।