सरकार का बयान—पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, लेकिन LPG आपूर्ति को लेकर चिंता

सरकार का बयान—पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, लेकिन LPG आपूर्ति को लेकर चिंता

नई दिल्ली, 13 मार्च 2026 । देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि Petrol और Diesel की कोई कमी नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। हालांकि घरेलू रसोई गैस यानी Liquefied Petroleum Gas (LPG) की आपूर्ति को लेकर कुछ चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिस पर सरकार नजर बनाए हुए है।

भारत सरकार ने शुक्रवार को कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है लेकिन LPG चिंता का विषय बना हुआ है। सरकार ने बताया कि ईरान जंग के कारण देश में गैस बुकिंग की संख्या में लगभग 20 लाख की बढ़ोतरी हुई है।

सरकार की तरफ से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि जंग से पहले हर रोज औसतन 55.7 लाख सिलेंडरों की बुकिंग होती थी।

अभी एक दिन में लगभग 75.7 लाख गैस बुकिंग हो रही है। सरकार ने कहा कि जंग के माहौल के बीच LPG सिलेंडर की बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। यह लोगों के बीच घबराहट के कारण हो रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पूरी तरह स्थिर है और तेल कंपनियां लगातार वितरण सुनिश्चित कर रही हैं। इसलिए आम लोगों को इन ईंधनों की उपलब्धता को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

वहीं LPG की मांग में अचानक वृद्धि और आपूर्ति से जुड़े कुछ कारणों के चलते कुछ क्षेत्रों में सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। इसी वजह से सरकार ने इसे फिलहाल चिंता का विषय बताया है और आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य करने के लिए कदम उठाने की बात कही है।

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू गैस की मांग में मौसमी और आपूर्ति से जुड़े कारणों से उतार-चढ़ाव आ सकता है। ऐसे में वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने पर ध्यान देना जरूरी होता है।

सरकार और तेल विपणन कंपनियां स्थिति की लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गैस आपूर्ति की स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।