लोकसभा में राहत: 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हटाया गया, सदन की कार्यवाही सामान्य होने की उम्मीद

लोकसभा में राहत: 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हटाया गया, सदन की कार्यवाही सामान्य होने की उम्मीद

नई दिल्ली , 17 मार्च 2026 । लोकसभा से निलंबित किए गए 8 विपक्षी सांसदों का सस्पेंशन हटा दिया गया है, जिससे संसद की कार्यवाही के सुचारू संचालन की उम्मीद बढ़ गई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल के दिनों में सदन में लगातार हंगामा और गतिरोध देखने को मिल रहा था।

लोकसभा में मंगलवार को पहले फेज के दौरान निलंबित किए गए 8 सांसदों पर लगा सस्पेंशन हटा दिया गया। इनमें कांग्रेस के 7 और लेफ्ट के एक सांसद हैं। ये आठ सांसद 4 फरवरी को लोकसभा से पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए गए थे।

उन पर हंगामा करने के दौरान स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा था। यह हंगामा उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव का जिक्र कर रहे थे।

कांग्रेस सांसद के. सुरेश समेत 3 सांसदों ने सस्पेंशन प्रस्ताव रखा। इसके बाद ध्वनि मत से इसे पास कर दिया गया। इससे पहले सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने इसका समर्थन किया। धर्मेंद यादव ने कहा कि सदन की मर्यादा में सत्ता पक्ष को भी मान रखना होगा। उन्होंने कहा कि खासकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे इसका ख्याल रखें। इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों से कहा,'प्लेकार्ट और एआई से बनाई गई तस्वीरें प्रदर्शित न करें।'

इन सांसदों को सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालने, नियमों का उल्लंघन करने और अध्यक्ष के निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप में निलंबित किया गया था। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन” बताया था।

संसदीय कार्यों को पटरी पर लाने और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निलंबन वापस लेने का निर्णय लिया गया। माना जा रहा है कि सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत के बाद यह सहमति बनी, ताकि सदन में सहयोगात्मक माहौल बनाया जा सके।

इस फैसले को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां टकराव के बजाय संवाद को प्राथमिकता दी गई है। इससे यह संदेश जाता है कि लोकतंत्र में मतभेद के बावजूद सहमति और समन्वय जरूरी है।

अब उम्मीद है कि विपक्षी सांसद सदन में लौटकर रचनात्मक भूमिका निभाएंगे और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा में हिस्सा लेंगे। साथ ही, सरकार भी विपक्ष की बातों को सुनने और समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ सकती है।

कुल मिलाकर, लोकसभा में 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हटना संसद की कार्यवाही को फिर से सामान्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।