सोनिया बोलीं-खामेनेई की हत्या पर भारत की चुप्पी से हैरानी

सोनिया बोलीं-खामेनेई की हत्या पर भारत की चुप्पी से हैरानी

नई दिल्ली, 03 मार्च 2026 । कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख Sonia Gandhi ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हत्या से जुड़ी खबरों और उस पर भारत सरकार की कथित चुप्पी को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भारत की ओर से स्पष्ट और संतुलित बयान की अपेक्षा थी।

कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर भारत सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा- दिल्ली की चुप्पी हैरान करने वाली है, यह तटस्थता (न्यूट्रल) नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है।

मंगलवार को इंडियन एक्सप्रेस में पब्लिश आर्टिकल में उन्होंने लिखा- 1 मार्च को ईरान ने पुष्टि की कि उसके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की एक दिन पहले अमेरिका और इजराइल के टारगेटेड अटैक में हत्या कर दी गई। जब दो देशों की डिप्लोमैट लेवल की बातचीत चल रही हो, तब एक मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष की हत्या अंतरराष्ट्रीय संबंधों में गंभीर दरार को दिखाती है।

सोनिया ने लिखा कि भारत सरकार ने न तो हत्या की निंदा की और न ही ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। मोदी ने अमेरिका-इजराइल के हमले को अनदेखा किया, केवल यूएई पर ईरान की जवाबी कार्रवाई की निंदा की। बाद में पीएम ने ‘गहरी चिंता’ और ‘बातचीत व कूटनीति’ की बात कही। जबकि हमला उस समय हुआ, जब दो देशों के बीच कूटनीतिक प्रक्रिया जारी थी।

भारत लंबे समय से पश्चिम एशिया में संतुलित विदेश नीति अपनाता आया है। एक ओर उसके मजबूत संबंध Iran से रहे हैं, वहीं दूसरी ओर Israel के साथ रणनीतिक और रक्षा सहयोग भी गहरा है। ऐसे में किसी भी बड़े घटनाक्रम पर बयान देना बेहद संवेदनशील मामला माना जाता है।

यदि ईरान में नेतृत्व से जुड़ी अस्थिरता बढ़ती है तो इसका असर तेल बाजार, क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत के ऊर्जा हितों पर पड़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है, इसलिए वहां की स्थिरता उसके लिए रणनीतिक रूप से अहम है।

सोनिया गांधी का बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। आने वाले दिनों में भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया और कूटनीतिक कदमों पर सभी की नजर रहेगी।