118 पंचायत सचिव एक साथ निलंबित, DM की बड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप

118 पंचायत सचिव एक साथ निलंबित, DM की बड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप

बिहार, 14 मई 2026 । बिहार के मधुबनी जिले में एक बड़े प्रशासनिक कदम में जिला प्रशासन ने 118 पंचायत सचिवों को एक साथ निलंबित कर दिया है। जिलाधिकारी (DM) की इस सख्त कार्रवाई के बाद प्रशासनिक विभागों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि पंचायत कार्यों में लापरवाही, रिकॉर्ड में गड़बड़ी, योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता और सरकारी निर्देशों की अनदेखी जैसी शिकायतों के बाद यह फैसला लिया गया।

शर्मा ने यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के प्रावधानों के अंतर्गत की है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि पंचायत सचिव ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ हैं। सरकार की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाएं पंचायत स्तर पर इन्हीं के माध्यम से संचालित होती हैं। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करना, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन, मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना, पंचायत स्तरीय विकास कार्यों की निगरानी, राजस्व एवं लोक सेवाओं से संबंधित कार्यों के साथ-साथ बिहार की जनगणना-2027 जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व पंचायत सचिवों के जिम्मे होते हैं। 

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। ग्रामीण विकास, पंचायत फंड और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी उद्देश्य से सख्त कदम उठाया गया है।

इस कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में कार्यरत कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। कई जिलों में पंचायत कार्यों की समीक्षा और रिकॉर्ड की जांच भी तेज किए जाने की चर्चा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य मामलों में भी जांच और कार्रवाई हो सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिवों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, दस्तावेजी प्रक्रिया और विकास कार्यों की निगरानी में उनकी सीधी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में निलंबन को प्रशासनिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं में अनियमितताओं पर समय रहते कार्रवाई होती है, तो ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ सकती है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि निष्पक्ष जांच और उचित प्रक्रिया का पालन भी उतना ही जरूरी है।