उत्तराखंड में राशन कार्ड धारकों के लिए e-KYC अनिवार्य, सरकार ने जारी किए नए निर्देश

उत्तराखंड में राशन कार्ड धारकों के लिए e-KYC अनिवार्य, सरकार ने जारी किए नए निर्देश

उत्तराखंड , 13 मई 2026 । उत्तराखंड सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए e-KYC प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों के अनुसार सभी पात्र लाभार्थियों को तय समय सीमा के भीतर अपना e-KYC पूरा कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर राशन सुविधा प्रभावित हो सकती है।

ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य 

बुधवार को जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया के लिए राशन काडर् में दर्ज सभी सदस्यों का आधार काडर् होना अनिवार्य है। साथ ही आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर भी आवश्यक रहेगा, क्योंकि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उसी नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि फेस ऑथेंटिकेशन के लिए स्माटर्फोन का कैमरा अच्छी गुणवत्ता का होना चाहिए तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी भी सुचारु रहनी चाहिए।

सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी बनाना और फर्जी राशन कार्डों पर रोक लगाना है। e-KYC के जरिए वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जरूरतमंद लोगों तक सरकारी अनाज और अन्य सुविधाएं सही तरीके से पहुंच सकें।

नए निर्देशों के तहत राशन कार्ड धारकों को आधार कार्ड से सत्यापन कराना होगा। इसके लिए लाभार्थी अपने नजदीकी राशन डीलर, जन सेवा केंद्र या संबंधित विभागीय कार्यालय में जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। कई जिलों में मोबाइल वैन और विशेष शिविर लगाने की भी तैयारी की जा रही है ताकि दूरदराज के लोगों को परेशानी न हो।

खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे कार्ड सामने आए हैं जिनमें जानकारी अपडेट नहीं है या लाभार्थियों का रिकॉर्ड अधूरा है। e-KYC के माध्यम से डुप्लीकेट और अपात्र कार्डों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी राशन कार्ड धारकों को समय रहते अपनी जानकारी अपडेट करानी होगी। जिन लाभार्थियों का आधार लिंक नहीं होगा या e-KYC अधूरा रहेगा, उनके राशन वितरण में दिक्कत आ सकती है। इसलिए लोगों से जल्द प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सत्यापन प्रणाली से राशन वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी। इससे सरकारी रिकॉर्ड अपडेट होंगे और भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

राज्य सरकार आने वाले दिनों में e-KYC अभियान को और तेज करने की तैयारी में है। विभागीय अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी पात्र लाभार्थी को तकनीकी कारणों से परेशानी न हो और प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।