यमुनानगर में हथनीकुंड बैराज पर गहराया जल संकट, यूपी और वेस्टर्न यमुना कैनाल को कम पानी सप्लाई

यमुनानगर में हथनीकुंड बैराज पर गहराया जल संकट, यूपी और वेस्टर्न यमुना कैनाल को कम पानी सप्लाई

यमुनानगर , 14 मई 2026 । यमुनानगर स्थित हथनीकुंड बैराज पर जल संकट गहराने लगा है। पानी की कम आवक के कारण Uttar Pradesh और वेस्टर्न यमुना कैनाल (WJC) को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और कृषि गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

जल की कमी का असर केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है। हाईडल पावर प्रोजेक्ट पर भी इसका प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है, जहां बिजली उत्पादन बाधित हो गया है। इससे क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। अगर पिछले साल की स्थिति से तुलना करें, तो तस्वीर बिल्कुल अलग थी। मानसून सीजन के दौरान यहां लगभग 3 लाख 29 हजार क्यूसिक पानी दर्ज किया गया था, जो इस साल के मुकाबले कई गुना अधिक है।

त्रों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम बारिश और नदी में घटते जलस्तर के चलते बैराज में पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध पानी का संतुलित वितरण करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मांग के मुकाबले जल प्रवाह कम रहने से चुनौती बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में जलस्तर में सुधार नहीं हुआ तो किसानों को सिंचाई संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। कई क्षेत्रों में नहरों के जरिए होने वाली जल आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जरूरत के अनुसार पानी की प्राथमिकता तय की जाएगी ताकि पेयजल और आवश्यक जरूरतों पर ज्यादा असर न पड़े। साथ ही जल संरक्षण और नियंत्रित उपयोग की अपील भी की जा रही है।

स्थानीय किसानों और ग्रामीण इलाकों में इस स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। वहीं कई क्षेत्रों में लोग पहले से ही जल संकट की समस्या झेल रहे हैं।

जल विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती आबादी, जलवायु परिवर्तन और पानी के अत्यधिक उपयोग के कारण भविष्य में इस तरह की चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। इसलिए जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।