अमेरिका में पाकिस्तानी पीएम-आर्मी चीफ पर बैन लगाने की मांग — 44 सांसदों का पत्र, कूटनीतिक दबाव बढ़ा
वॉशिंगटन, 05 दिसंबर 2025 । अमेरिका की कांग्रेस में इस समय Shehbaz Sharif (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री) और Asim Munir (पाकिस्तान सेना प्रमुख) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग जोर पकड़ रही है। 4–5 दिसंबर 2025 को करीब 44–49 अमेरिकी सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio को पत्र लिखकर उन पर वीजा-बैन और एसेट फ्रीज़ (संपत्ति जब्त) लगाने की अपील की है।
अमेरिकी संसद के 44 सांसदों ने बुधवार को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को चिठ्ठी लिखकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
इन सांसदों का आरोप है कि पाकिस्तान में सेना सरकार चला रही है। देश में आम लोगों के अधिकारों का बड़े पैमाने पर हनन हो रहा है। विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिकों को भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाने पर धमकियां दी जा रही हैं।
यह चिठ्ठी डेमोक्रेटिक महिला सांसद प्रमिला जयपाल और सांसद ग्रेग कासर के नेतृत्व में लिखी गई है। इसमें सांसदों ने कहा कि पाकिस्तान में तानाशाही बढ़ रही है। पत्रकारों को धमकाया जा रहा है, अगवा किया जा रहा है या देश छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है।
आलोचना पर पत्रकार के परिवार को अगवा किया
सांसदों ने चिठ्ठी में कुछ घटनाओं का जिक्र किया है। इनमें वर्जीनिया के जर्नलिस्ट अहमद नूरानी का मामला शामिल है। नूरानी ने पाकिस्तानी सेना के भ्रष्टाचार पर रिपोर्टिंग की थी। इसके बाद पाकिस्तान में रहने वाले उनके दोनों भाइयों को एक महीने से ज्यादा समय तक अगवा करके रखा गया था।
इसी तरह मशहूर संगीतकार सलमान अहमद के जीजा का भी अपहरण हुआ था, जिन्हें अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद ही छोड़ा गया। चिठ्ठी में सांसदों ने पाकिस्तान में बढ़ते तानाशाही संकट को लेकर चिंता जताई है।
उनके अनुसार विपक्षी नेता बिना आरोप के जेल में डाले जा रहे हैं। आम नागरिकों को सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट पर गिरफ्तार किया जा रहा है। महिलाओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों और खासकर बलूचिस्तान के लोगों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहे हैं।


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