पुतिन के बाद अब वोलोदिमिर जेलेंस्की भारत आ सकते हैं — जनवरी 2026 में संभावित दौरा, भारत की कूटनीतिक बैलेंसिंग एक्ट की नई दिशा

पुतिन के बाद अब वोलोदिमिर जेलेंस्की भारत आ सकते हैं — जनवरी 2026 में संभावित दौरा, भारत की कूटनीतिक बैलेंसिंग एक्ट की नई दिशा

नई दिल्ली, 09 दिसंबर 2025 । हाल ही में व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के बाद, कूटनीतिक हलकों में अब एक और बड़ा कदम देखने को मिल रहा है: कहा जा रहा है कि जेलेंस्की — रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति — जनवरी 2026 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं।

यह प्रस्तावित यात्रा न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों, बल्कि वैश्विक जियो-पॉलिटिक्स में भारत की बदलती भूमिका को दिखाती है — जहाँ भारत युद्ध प्रभावित देशों और रूस दोनों के साथ संवाद बनाए रखते हुए एक मध्यस्थ (mediator) या ‘सेतु-कर्त्ता’ (bridge-builder) की भूमिका निभाना चाहता है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बाद अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अगले महीने भारत दौरे पर आ सकते हैं। हालांकि अभी तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है।

जेलेंस्की का यह पहला भारत दौरा होगा। यूक्रेन के राष्ट्रपतियों ने 1992, 2002 और 2012 में अब तक सिर्फ तीन बार भारत दौरा किया है। विक्टर यानुकोविच आखिरी यूक्रेनी राष्ट्रपति थे, जो 2012 में भारत आए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत, रूस और यूक्रेन बीच संतुलन बनाए रखना चाहता है। 2024 में भी भारत ने ऐसा ही किया था। पीएम मोदी पहले मॉस्को गए और पुतिन से मिले थे और कुछ ही हफ्तों बाद वे कीव जाकर जेलेंस्की से मिले थे।

भारत और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच पिछले कई हफ्तों से बातचीत चल रही है। यह बातचीत पुतिन की यात्रा से पहले ही शुरू हो गई थी।

जेलेंस्की का भारत दौरा कई फैक्टर पर निर्भर करेगा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेलेंस्की का दौरा कब और कैसे होगा यह कई बातों पर निर्भर करेगा, जैसे कि ट्रम्प की नई शांति योजना किस दिशा में जाती है, युद्ध की स्थिति कैसी रहती है और यूक्रेन की राजनीति कैसे आगे बढ़ती है, क्योंकि इस समय वहां जेलेंस्की सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों से दबाव में है।

पीएम मोदी ने जेलेंस्की को भारत आने का न्योता दिया था

पीएम मोदी अगस्त 2024 में यूक्रेन दौरे पर पहुंचे थे। तब उन्होंने जेलेंस्की को भारत आने का न्योता दिया था। बैठक में मोदी ने कहा था कि भारत हमेशा से शांति के पक्ष में रहा है। मैं कुछ दिन पहले रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मिला था। तब मैंने कहा था कि यह युद्ध का समय नहीं है।

मोदी और जेलेंस्की के बीच यूक्रेन के मैरिंस्की पैलेस में करीब 3 घंटे बैठक हुई थी। बाद में यूक्रेनी राष्ट्रपति ने मीडिया से कहा था कि भारत एक बड़ा देश है, उसका प्रभाव अधिक है। भारत पुतिन को रोक सकता है। भारत अपनी भूमिक निभाएगा।