बांग्लादेश सरकार शेख हसीना के घर को म्यूजियम बनायेगी
ढाका । 05 अगस्त 2025 । बांग्लादेश सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पुराने आधिकारिक घर 'गणभवन' को म्यूजियम में बदलने का फैसला किया है। इसे 'जुलाई क्रांति स्मारक संग्रहालय' कहा जाएगा।
शेख हसीना के पिता और बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीबुर्रहमान ने इस घर को फिर से बनवाया था। इससे पहले इस जगह को एस्टेट राजबाड़ी के नाम से जाना जाता था।
गणभवन राजधानी ढाका के शेर-ए-बांग्ला नगर में है, जो संसद भवन के पास है। बांग्लादेश सरकार इसे देश के नेता के आधिकारिक घर के तौर पर इस्तेमाल करती थी।
शेख हसीना 2010 में यहां रहने आई थीं और 5 अगस्त 2024 तक यानी 15 साल यही उनका घर रहा। पिछले साल उनके तख्तापलट के कुछ देर बाद ही यहां तोड़फोड़ और लूटमार शुरू हो गई थी।
भीड़ ने हमला कर महिलाओं के कपड़े भी लूट लिए थे
भीड़ ने यहां से साड़ियां, सजावटी सामान, घड़ियां, सोफे, लग्जरी हैंडबैग, टेलीविजन, मछलियां और यहां तक कि महिलाओं के कपड़े तक लूट लिए थे। सोशल मीडिया पर लूट की तस्वीरें वायरल हो गईं थीं। बाद में अधिकारियों ने दावा किया कि लूटा गया सामान वापस कर दिया गया।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस की लीडरशिप वाली अंतरिम सरकार ने गणभवन को शेख हसीना के कुशासन की निशानी बताते हुए इसे म्यूजियम बनाने की घोषणा की। यह म्यूजियम पिछले साल की हिंसा में मारे गए प्रदर्शनकारियों की याद में बनाया जा रहा है।
बांग्लादेश के संस्कृति मंत्रालय ने इस म्यूजियम के मैनेजमेंट के लिए 200 पदों का प्रस्ताव दिया है।
शेख मुजीब से जुड़ी कई निशानियों पर हमला
बांग्लादेश में बीते एक साल से लगातार शेख हसीना और उनके पिता से जुड़ी कई निशानियों पर हमला किया जा रहा है। बीते 12 महीने में शेख मुजीब की मूर्ति को तोड़ा गया और कई सार्वजनिक स्थानों पर लगी नेमप्लेट को भी हटा दिया गया।
इसके अलावा स्कूल की किताबों में उनसे जुड़े कई चैप्टर को बदला गया और नोट पर लगी तस्वीरों को भी हटा दिया गया।
अंतरिम सरकार ने आजादी और संस्थापक से जुड़े दिनों की 8 सरकारी छुट्टियां भी कैंसिल कर दी थी। शेख मुजीबुर्रहमान बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति थे। वह 17 अप्रैल 1971 से लेकर 15 अगस्त 1975 तक देश के प्रधानमंत्री भी रहे थे।


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