दुर्गा पूजा मेला देखने निकलीं 5 सहेलियां 1500 KM दूर आंध्र प्रदेश में मिलीं!

दुर्गा पूजा मेला देखने निकलीं 5 सहेलियां 1500 KM दूर आंध्र प्रदेश में मिलीं!

कटिहार,21 अक्टूबर 2026 | बिहार के कटिहार जिले से लापता हुईं पांच नाबालिग सहेलियों के आंध्र प्रदेश में मिलने से मामला चर्चा में आ गया है। सभी लड़कियां दुर्गा पूजा का मेला देखने घर से निकली थीं, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने उनकी तलाश की और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद कटिहार पुलिस ने जांच शुरू की और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मदद से बच्चियों का पता लगाया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पांचों लड़कियां बिहार से इतनी दूर आंध्र प्रदेश कैसे पहुंचीं और उनके घर छोड़ने के पीछे क्या वजह थी।

कटिहार से लापता बच्चिया आंध्र प्रदेश में मिलीं

दरअसल, कटिहार में दुर्गा पूजा का मेला देखने गई 5 लड़कियां सोमवार शाम से लापता हो गई थी, जिसे लेकर परिजनों ने कटिहार के मनसाही थाना में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जांच शुरू की तो SIT की टीम और RPF के सहयोग से आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम से बरामद किया गया।

मामला कटिहार जिले के मनसाही थाना क्षेत्र का है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पांचों नाबालिग लड़कियां 19 अक्टूबर की शाम दुर्गा पूजा का मेला देखने निकली थीं। उन्होंने मनसाही हाट और आसपास के पूजा पंडालों में जाने की बात कही थी। जब देर रात तक वे घर नहीं लौटीं, तो परिवारों की चिंता बढ़ गई।

परिजनों ने पहले अपने स्तर पर बच्चियों को आसपास और परिचितों के यहां तलाश किया। कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। एक साथ पांच नाबालिगों के लापता होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।

आंध्र प्रदेश में कैसे मिला सुराग?

रिपोर्टों के अनुसार, कटिहार पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष अनुसंधान दल (SIT) गठित किया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और संभावित यात्रा मार्गों की पड़ताल की। इसी दौरान रेलवे सुरक्षा बल की मदद से बच्चियों का पता आंध्र प्रदेश में चला।

कुछ रिपोर्टों में बच्चियों को श्रीकाकुलम में बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है, जबकि अन्य रिपोर्टों में विजयवाड़ा से पहले रेलवे क्षेत्र में उनके मिलने का उल्लेख है। उपलब्ध खबरों में बरामदगी की सटीक जगह को लेकर अंतर है। हालांकि, सभी रिपोर्टों में पांचों बच्चियों के सुरक्षित मिलने की पुष्टि की गई है।

कटिहार और आंध्र प्रदेश की पुलिस के बीच समन्वय

बच्चियों का पता चलने के बाद कटिहार पुलिस ने आंध्र प्रदेश की रेलवे सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क किया। रिपोर्टों के मुताबिक, RPF के सहयोग से पांचों को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया। दूसरे राज्य में बच्चियों की बरामदगी के बाद उन्हें वापस कटिहार लाने के लिए पुलिस टीम भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई।

इस मामले में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय अहम रहा। बच्चियों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दूसरे राज्यों तक जांच का दायरा बढ़ाया, जिससे उनका पता लगाने में मदद मिली।

सबसे बड़ा सवाल: आखिर इतनी दूर कैसे पहुंचीं बच्चियां?

पांचों नाबालिगों के सुरक्षित मिलने से परिवारों को राहत मिली है, लेकिन उनके सफर से जुड़े कई सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिलेंगे। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि बच्चियां किस रास्ते से आंध्र प्रदेश पहुंचीं, उन्होंने ट्रेन से यात्रा की या किसी अन्य साधन का इस्तेमाल किया और इस दौरान उनके संपर्क में कौन-कौन आया।

यह भी जांच का विषय है कि वे अपनी इच्छा से घर से निकली थीं या किसी ने उन्हें बहलाया-फुसलाया था। फिलहाल किसी व्यक्ति या गिरोह की भूमिका को लेकर ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए किसी संभावित अपहरण या मानव तस्करी को स्थापित तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

बच्चियों के बयान से सामने आ सकती है पूरी कहानी

बच्चियों के कटिहार लौटने के बाद पुलिस उनकी यात्रा और लापता होने की परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटा सकती है। उनके बयान, उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य और रेलवे से मिलने वाली जानकारी से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि वे इतनी दूर कैसे पहुंचीं।

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि पांचों नाबालिग सुरक्षित मिल गई हैं। अब जांच का उद्देश्य उनके घर से निकलने से लेकर आंध्र प्रदेश पहुंचने तक की घटनाओं की कड़ी जोड़ना और यह सुनिश्चित करना है कि उनके साथ कोई अनहोनी तो नहीं हुई।