हरियाणा के VIP विमानों और हेलीकॉप्टरों की निगरानी अब सॉफ्टवेयर से
हरियाणा ,21 अक्टूबर 202 | हरियाणा सरकार अपने वीआईपी विमानों और हेलीकॉप्टरों के संचालन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग ने विमानों के तकनीकी रखरखाव, पायलटों की ड्यूटी और सुरक्षा से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए सॉफ्टवेयर खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए ई-टेंडर जारी किया गया है। नई व्यवस्था के तहत तकनीकी रखरखाव से लेकर पायलटों के उड़ान समय और अनिवार्य आराम की अवधि तक की जानकारी व्यवस्थित तरीके से दर्ज की जाएगी।
तकनीकी रखरखाव और कलपुर्जों का रिकॉर्ड होगा डिजिटल
विमानों के सुरक्षित संचालन के लिए उनके इंजन, विभिन्न तकनीकी कंपोनेंट्स और कलपुर्जों की स्थिति तथा निर्धारित उपयोग अवधि का रिकॉर्ड रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। नई व्यवस्था के तहत इन सभी पहलुओं की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जा सकेगी। इससे निर्धारित समय पर मेंटेनेंस की योजना बनाने और तकनीकी जरूरतों की पहले से पहचान करने में मदद मिलेगी।
मैनुअल रिकॉर्ड व्यवस्था में जानकारी को अपडेट रखने, उसका मिलान करने और समय पर उपलब्ध कराने में आने वाली चुनौतियों को कम करना भी इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। ऑटोमेटेड ट्रैकिंग से रखरखाव संबंधी रिकॉर्ड व्यवस्थित रहेगा और आवश्यक तकनीकी कार्रवाई की योजना बनाने में सुविधा होगी।
इंजन और कलपुर्जों की निगरानी होगी डिजिटल
नए सॉफ्टवेयर के जरिए विमान के इंजन, तकनीकी कंपोनेंट्स और कलपुर्जों की स्थिति से संबंधित रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। इसके अलावा, उनके निर्धारित उपयोग और रखरखाव की समयसीमा पर भी नजर रखने में मदद मिलेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य समय पर तकनीकी जांच और जरूरी मरम्मत सुनिश्चित करना है। यदि किसी उपकरण के रखरखाव का समय नजदीक आता है, तो डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई की योजना बनाने में सुविधा मिल सकती है।
प्रस्तावित सॉफ्टवेयर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पायलटों और अन्य क्रू सदस्यों का प्रबंधन है। इसमें उड़ान के घंटों, ड्यूटी की अवधि और अनिवार्य विश्राम से संबंधित रिकॉर्ड डिजिटल रूप से रखा जाएगा।
यदि किसी पायलट की ड्यूटी निर्धारित सीमा के करीब पहुंचती है या नियमों के उल्लंघन की आशंका होती है, तो सिस्टम अलर्ट देने में सक्षम होगा। इसके साथ ही छुट्टियों, ऑन-कॉल ड्यूटी और क्रू शेड्यूलिंग का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित किया जा सकेगा।
DGCA के नियमों का पालन करना होगा आसान
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियम विमान की उड़ान योग्यता, तकनीकी रखरखाव और पायलटों की ड्यूटी से जुड़े महत्वपूर्ण मानक निर्धारित करते हैं। प्रस्तावित सॉफ्टवेयर के जरिए इनसे संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कराना आसान हो सकता है।
डिजिटल प्रणाली में डेटा की सुरक्षा और उसका बैकअप भी महत्वपूर्ण होगा। विभाग की योजना में रिकॉर्ड की सुरक्षित उपलब्धता और डेटा पर सरकार के स्वामित्व को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।


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