अल्बानिया में महंगी शिक्षा के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र
तिराना, 16 अक्टूबर 2026 । यूरोपीय देश अल्बानिया में महंगी शिक्षा, विश्वविद्यालयों की खराब स्थिति और युवाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसरों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। राजधानी तिराना में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। शिक्षा से जुड़े मुद्दों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब भ्रष्टाचार और प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग तक पहुंच गया है।
यूरोपीय देश अल्बानिया में महंगी शिक्षा, विश्वविद्यालयों की खराब स्थिति और युवाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसरों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। राजधानी तिराना में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। शिक्षा से जुड़े मुद्दों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब भ्रष्टाचार और प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग तक पहुंच गया है।
महंगी पढ़ाई और खराब विश्वविद्यालय व्यवस्था से नाराज छात्र
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उच्च शिक्षा का खर्च लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। विश्वविद्यालयों में सुविधाओं की कमी, आर्थिक सहायता का अभाव और पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी मिलने की अनिश्चितता ने युवाओं की परेशानी बढ़ाई है।
छात्र चाहते हैं कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार करे, पढ़ाई का खर्च कम करने के लिए कदम उठाए और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए। उनका विरोध केवल फीस तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और भविष्य की संभावनाओं से भी जुड़ा है।
तिराना में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
13 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए प्रदर्शनों के दौरान शिक्षा मंत्रालय के बाहर तनाव बढ़ गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारत की ओर ईंटें और कंक्रीट के टुकड़े फेंके, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। बाद के प्रदर्शनों में सरकारी इमारतों और बैंकों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें आईं।
रिपोर्टों के अनुसार, कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और पुलिसकर्मियों सहित अनेक लोग घायल हुए। सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा की निंदा की है।
प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग के साथ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। उनका आरोप है कि सरकार युवाओं की समस्याओं और भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रही है।
हालांकि, प्रधानमंत्री रामा ने इस्तीफा देने से इनकार किया है। उनका कहना है कि सरकार बदलने का फैसला लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए होना चाहिए। उन्होंने शिक्षा और अन्य मुद्दों पर जायज चिंताओं को सुनने की बात कही, लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का विरोध किया।
अल्बानिया में असंतोष की पृष्ठभूमि में भ्रष्टाचार के आरोप, सामाजिक असमानता और दक्षिणी तट पर प्रस्तावित लक्जरी पर्यटन परियोजना को लेकर विवाद भी शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ी निवेश परियोजना के विरोध में भी पहले प्रदर्शन हुए थे। अब छात्रों की शिक्षा और रोजगार संबंधी मांगें व्यापक सरकार-विरोधी आंदोलन के साथ जुड़ गई हैं।
हालांकि, आंदोलन में शामिल सभी लोगों की मांगें एक जैसी नहीं हैं। छात्रों का एक प्रमुख मुद्दा शिक्षा व्यवस्था में सुधार है, जबकि अन्य प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार और सरकार की जवाबदेही को लेकर भी नाराजगी जता रहे हैं।
अल्बानिया में जारी प्रदर्शनों के बीच सरकार के सामने शिक्षा संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। छात्रों की मांगों पर सरकार की प्रतिक्रिया और प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की स्थिति आगे के घटनाक्रम को प्रभावित करेगी।


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