दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे राजपाल यादव, मंत्री सुबोध उनियाल को सुनाई खरी-खरी
नई दिल्ली,21 अक्टूबर 202 | बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के समर्थन में उतर आए हैं। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा कुंजापुरी मेले में मंच पर दलेर मेहंदी को फटकार लगाने का मामला लगातार चर्चा में है। अब राजपाल यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मंत्री के व्यवहार पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के सामने एक वरिष्ठ कलाकार के साथ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। राजपाल ने दलेर मेहंदी के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए यह भी कहा कि वह शराब नहीं पीते।
उत्तराखंड में दलेर मेहंदी के साथ हुए विवाद के बाद अभिनेता राजपाल यादव ने उनका समर्थन किया है। दरअसल उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर दलेर मेहंदी को फटकार लगाई थी। मंत्री ने गायक पर शराब पीने के आरोप लगाया था।
इस पर राजपाल ने वीडियो शेयर कर मंत्री के आचरण पर आपत्ति जताई है। राजपाल ने कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और वे इन दिनों स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
दलेर मेहंदी के समर्थन में अनुपम खेर, कपिल शर्मा, बादशाह, मीका सिंह, शान और जैस्मीन भसीन सहित कई हस्तियों ने सार्वजनिक मंच पर किसी कलाकार को नीचा दिखाने की निंदा की है।
राजपाल यादव ने मंत्री सुबोध उनियाल को क्या कहा?
राजपाल यादव ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि एक सम्मानित मंत्री को सार्वजनिक मंच पर किसी वरिष्ठ कलाकार के साथ मर्यादित व्यवहार करना चाहिए। उनके मुताबिक, दलेर मेहंदी की आवाज ने दशकों से लोगों का मनोरंजन किया है और ऐसे कलाकार के सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है।
राजपाल ने मंत्री के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था मानो उन्होंने कला को खरीद लिया हो, जबकि कला को खरीदा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “पद आते हैं, जाते हैं, लेकिन कद हमेशा रहता है।” उनके इस बयान को दलेर मेहंदी के समर्थन और कलाकारों के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
दलेर मेहंदी की तबीयत को लेकर क्या बोले राजपाल?
राजपाल यादव ने अपने संदेश में दलेर मेहंदी की सेहत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गायक की तबीयत ठीक नहीं चल रही है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कोशिश की जा रही है। राजपाल ने बताया कि उन्होंने फिल्म वेलकम टू द जंगल में दलेर मेहंदी के साथ काम किया है।
उन्होंने शराब पीने के आरोप पर भी आपत्ति जताई और कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते। हालांकि, यह राजपाल यादव का सार्वजनिक बयान है। मंच पर हुई घटना को लेकर मंत्री और गायक के पक्ष में सामने आए बयानों के बीच स्वास्थ्य और प्रस्तुति से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि को अलग से देखना जरूरी है।
यह विवाद उत्तराखंड के टिहरी जिले के नरेंद्र नगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। दलेर मेहंदी मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे, तभी कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बीच में हस्तक्षेप किया और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई।
वीडियो में मंत्री को दलेर मेहंदी से यह कहते सुना गया कि जब वह ठीक से बोल नहीं पा रहे हैं, तो गाना कैसे गाएंगे। मंत्री ने आरोप लगाया कि गायक नशे की हालत में थे और कार्यक्रम में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर रहे थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
मंत्री ने 35 लाख रुपये भुगतान का किया दावा
विवाद के बाद सुबोध उनियाल ने अपने रुख का बचाव करते हुए कहा कि दलेर मेहंदी को कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे। मंत्री के मुताबिक, कलाकार से दर्शकों के सामने उचित प्रस्तुति देने की अपेक्षा थी और उन्हें लगा कि गायक अपने प्रदर्शन के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि यदि दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी, तो उन्हें कार्यक्रम में आने की प्रतिबद्धता नहीं निभानी चाहिए थी। दूसरी ओर, राजपाल यादव ने सार्वजनिक रूप से कलाकार के सम्मान और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखने की बात कही है। इस तरह विवाद में एक तरफ कार्यक्रम के प्रति जवाबदेही का सवाल उठ रहा है, तो दूसरी तरफ वरिष्ठ कलाकार के साथ सार्वजनिक व्यवहार पर बहस हो रही है।
दलेर मेहंदी के समर्थन में आए दूसरे कलाकार
इस घटना के बाद मनोरंजन जगत के कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी के समर्थन में अपनी बात रखी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अनुपम खेर, मीका सिंह, बादशाह और अन्य कलाकारों ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी।
इस मामले ने कलाकारों की गरिमा, सार्वजनिक कार्यक्रमों में आयोजकों की अपेक्षाओं और मंच पर असहमति जताने के तरीके को लेकर बहस छेड़ दी है। एक ओर मंत्री ने अपनी नाराजगी को कार्यक्रम की गुणवत्ता और भुगतान से जोड़ा है, वहीं राजपाल यादव ने भाषा और व्यवहार की मर्यादा पर जोर दिया है।


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