आर्मी चीफ का सख्त बयान: शक्सगाम घाटी पर पाकिस्तान–चीन समझौता पूरी तरह अवैध
नई दिल्ली, 14 जनवरी 2026 । भारतीय सेना प्रमुख ने शक्सगामā घाटी को लेकर पाकिस्तान और चीन के बीच हुए समझौते पर कड़ा रुख अपनाया है। आर्मी चीफ ने साफ कहा कि शक्सगाम घाटी पर पाकिस्तान–चीन के बीच हुआ कोई भी समझौता पूरी तरह अवैध है, क्योंकि यह क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है और उस पर किसी अन्य देश को निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को कहा कि भारत शक्सगाम घाटी पर पाकिस्तान और चीन के बीच 1963 के समझौते को अवैध मानता है। जनरल द्विवेदी की यह टिप्पणी शक्सगाम घाटी में चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स की आलोचना करने के चार दिन बाद आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सेनाएं उत्तरी सीमाओं पर पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। पाकिस्तान और चीन की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की चुनौती का जवाब देने में भारतीय सेना सक्षम है। सेना प्रमुख का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब सीमा क्षेत्रों में रणनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान सिर्फ एक कूटनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि भारत के स्पष्ट और अडिग रुख का संकेत है। शक्सगाम घाटी पर भारत का दावा ऐतिहासिक, कानूनी और संवैधानिक आधार पर मजबूत रहा है, जिसे लेकर सरकार और सेना दोनों एकमत हैं।
आर्मी चीफ का यह स्पष्ट संदेश है कि भारत अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े किसी भी मुद्दे पर समझौता नहीं करेगा, चाहे वह पाकिस्तान हो या चीन। यह बयान राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा से जुड़े मुद्दों पर भारत की दृढ़ नीति को दर्शाता है।


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