पेट्रोल संकट पर हाईकोर्ट सख्त: कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति, जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता
चंडीगढ़, 23 मई 2026 । देश में बढ़ते पेट्रोल संकट और ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के बीच हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी करते हुए कई संस्थानों और कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अनावश्यक यात्रा कम करना जरूरी है, ताकि ईंधन की बचत हो सके और आवश्यक सेवाओं पर असर न पड़े।
हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि रजिस्ट्री को समय पर लिंक बांटना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की स्थिर सुविधाएं और जरूरी टेक्निकल सपोर्ट पक्का करना होगा ताकि वर्चुअल सुनवाई के दौरान कोर्ट या बार को कोई परेशानी न हो। बार के सदस्यों से वर्चुअल सुनवाई को असरदार तरीके से चलाने के लिए पूरा सहयोग देने की अपील की गई है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सरकारी और निजी संस्थानों को कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक कार्य व्यवस्था लागू करनी चाहिए। अदालत ने कहा कि जिन विभागों का काम ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से संचालित हो सकता है, वहां कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी जाए। इससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और पेट्रोल-डीजल की खपत में भी कमी आएगी।
अदालत ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अस्पताल, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, सार्वजनिक परिवहन और अन्य जरूरी सेवाओं को ईंधन की आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाए। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई कि वे केवल आवश्यक परिस्थितियों में ही वाहनों का उपयोग करें।
पेट्रोल संकट के कारण कई शहरों में लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं और लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है। परिवहन सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों से स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और जनता को समय-समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि संकट के दौरान अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


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