खड़गे का आरोप—नेशनल हेराल्ड केस बदले की राजनीति, विपक्ष को दबाने की साजिश

खड़गे का आरोप—नेशनल हेराल्ड केस बदले की राजनीति, विपक्ष को दबाने की साजिश

नई दिल्ली, 17 दिसंबर 2025 । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। खड़गे ने कहा कि नेशनल हेराल्ड केस पूरी तरह से बदले की राजनीति का उदाहरण है और इसका उद्देश्य विपक्षी नेताओं को डराना व दबाव में लाना है। उनके मुताबिक यह मामला कानूनी से ज्यादा राजनीतिक है, जिसे सरकार अपने विरोधियों के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को नेशनल हेराल्ड मामले पर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया। खड़गे ने कहा- नेशनल हेराल्ड केस सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।

खड़गे ने कहा- नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी, लेकिन ये लोग (भाजपा) CBI और ED जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके कांग्रेस नेताओं को बदनाम कर रहे हैं। खासकर गांधी परिवार को सताया जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को नेशनल हेराल्ड मामले पर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया। खड़गे ने कहा- नेशनल हेराल्ड केस सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।

खड़गे ने कहा- नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी, लेकिन ये लोग (भाजपा) CBI और ED जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके कांग्रेस नेताओं को बदनाम कर रहे हैं। खासकर गांधी परिवार को सताया जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि पार्टी और उसके नेताओं ने हमेशा कानून का सम्मान किया है और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया है। इसके बावजूद एजेंसियों की कार्रवाई का तरीका यह संकेत देता है कि फैसले राजनीतिक दबाव में लिए जा रहे हैं। खड़गे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है और वह हर मोर्चे पर सरकार की नीतियों का विरोध करती रहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को कुचलना देश के हित में नहीं है। विपक्ष की भूमिका सवाल उठाने और सरकार को जवाबदेह बनाने की होती है, लेकिन मौजूदा हालात में विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। नेशनल हेराल्ड केस को इसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

खड़गे के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आने वाले समय में यह मामला न केवल अदालतों में, बल्कि सियासी मंच पर भी बड़ा मुद्दा बना रहने की संभावना है।