शरद पवार का बयान — अजित पवार चाहते थे कि NCP के दोनों धड़े एक हों
मुंबई, 31 जनवरी 2026 । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की राजनीति में एक अहम मोड़ तब आया जब शरद पवार ने कहा कि अजित पवार की इच्छा थी कि पार्टी के दोनों धड़े फिर से एकजुट हों। इस बयान ने महाराष्ट्र की सियासत में नए सिरे से एकता, रणनीति और भविष्य की दिशा को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
महाराष्ट्र में एनसीपी के दोनों गुटों के विलय पर शरद पवार ने शनिवार को कहा, ‘यह अजित पवार की भी इच्छा थी। इसे जरूर पूरा होना चाहिए।’ शरद ने कहा कि अजित, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों गुटों के विलय के बारे में बातचीत शुरू की थी।
उन्होंने बताया कि 12 फरवरी को विलय का ऐलान होना था लेकिन दुर्भाग्य से, अजित उससे पहले हमें छोड़कर चले गए।
सूत्रों के मुताबिक अजित ने 17 जनवरी को बारामती में शरद पवार से मुलाकात की थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विलय पर चर्चा हुई थी। इस मीटिंग का वीडियो भी सामने आया है। इस मुलाकात के 11 दिन बाद अजित की प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी।
शरद पवार के मुताबिक, पार्टी के भीतर मतभेदों के बावजूद संगठन की जड़ें और कार्यकर्ताओं का आधार साझा है। ऐसे में एकता का प्रयास राजनीतिक स्थिरता और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। उनका संकेत यह भी दर्शाता है कि वैचारिक दूरी के बावजूद संवाद के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NCP के विभाजन के बाद दोनों गुटों के सामने पहचान, नेतृत्व और चुनावी रणनीति जैसी चुनौतियां थीं। ऐसे में एकजुटता की संभावना राज्य की गठबंधन राजनीति को प्रभावित कर सकती है। महाराष्ट्र की सत्ता समीकरणों में NCP की भूमिका अहम रही है, इसलिए यह बयान भविष्य की संभावित राजनीतिक पुनर्संरचना का संकेत माना जा रहा है।
हालांकि, इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय संगठनात्मक बैठकों और नेतृत्व स्तर की चर्चाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल, शरद पवार का यह बयान यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर संवाद और समझौते की संभावनाएं अभी खत्म नहीं हुई हैं।


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