“रूसी इनपुट पर बड़ी कार्रवाई: NIA ने अमेरिकी-यूक्रेनी नागरिकों को पकड़ा”
नई दिल्ली , 20 मार्च 2026 । राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई रूसी एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर की गई।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूर्वोत्तर (मिजोरम सीमा) में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने रूसी एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था।
पकड़े गए लोगों पर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने का आरोप है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गिरोह म्यांमार के हथियारबंद गुटों को ट्रेनिंग दे रहे था। टूरिस्ट वीजा की आड़ में म्यांमार के विद्रोही गुटों को ड्रोन और आधुनिक युद्ध तकनीक की ट्रेनिंग दी जा रही थी।
ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन मिजोरम में बिना अनुमति अवैध रूट से पहुंचे और यहां से पड़ोसी देश म्यांमार की सीमा में घुस गए। सूत्रों के अनुसार 8 अन्य यूक्रेनियन की तलाश जारी है। कुल 14-15 लोगों का ग्रुप था। ये लोग यूरोप से बड़े पैमाने पर ड्रोन पहुंचा रहे थे, जो संभवतः भारत से जुड़े उग्रवादी समूहों तक पहुंच सकते थे।
सूत्रों के मुताबिक, इन विदेशी नागरिकों पर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का शक था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई। पुख्ता जानकारी मिलने पर NIA ने ऑपरेशन चलाकर उन्हें पकड़ लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और संभावित सुरक्षा खतरे से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, एजेंसी अभी इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है।
रूस से मिले इनपुट की भूमिका इस ऑपरेशन में अहम मानी जा रही है, जो यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां आपसी सहयोग के जरिए खतरों से निपटने की कोशिश कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच बेहद जरूरी होती है, क्योंकि इससे बड़े नेटवर्क और संभावित खतरे का खुलासा हो सकता है।
फिलहाल, NIA इस केस के हर पहलू की जांच कर रही है और आने वाले समय में और खुलासे होने की संभावना है।


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