दिल्ली कांग्रेस में बड़ा फेरबदल: नए उपाध्यक्ष और महासचिव नियुक्त, संगठन में नई ऊर्जा लाने की कोशिश
नई दिल्ली, 04 मई 2026 । राजधानी की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां दिल्ली कांग्रेस में व्यापक फेरबदल करते हुए नए उपाध्यक्षों और महासचिवों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी गई है। यह फैसला संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों से पहले पार्टी को नई दिशा देने के उद्देश्य से लिया गया है।
कांग्रेस ने रविवार को अपनी दिल्ली इकाई में एक नए संगठनात्मक फेरबदल की घोषणा की थी, जिसमें उपाध्यक्षों और महासचिवों की नई नियुक्ति और तत्काल प्रभाव से राजनीतिक मामलों की 31 सदस्यीय समिति का गठन शामिल है।कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी किए गए दो अलग-अलग बयानों में पार्टी ने कहा कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) में की गई नियुक्तियों को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंजूरी दे दी है।
पार्टी नेतृत्व ने इस बदलाव पर मुहर लगाते हुए कई नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है, वहीं कुछ पुराने और अनुभवी नेताओं को भी अहम पदों पर बरकरार रखा गया है। इस फेरबदल को संतुलन बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें युवा और अनुभवी नेताओं का मिश्रण शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, संगठन में लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान और निष्क्रियता को देखते हुए यह बड़ा कदम उठाया गया है। नए उपाध्यक्षों और महासचिवों से उम्मीद की जा रही है कि वे जमीनी स्तर पर पार्टी को सक्रिय करेंगे और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दिल्ली में अपनी खोई हुई पकड़ को फिर से मजबूत करने के लिए संगठनात्मक बदलावों पर फोकस कर रही है। खासकर दिल्ली में पार्टी को पिछले चुनावों में कमजोर प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था, जिसे सुधारने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।
हालांकि, पार्टी की ओर से पूरी सूची जारी कर दी गई है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। इससे संगठन में समावेशिता बढ़ने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का संदेश दिया गया है।
अब देखना होगा कि यह नया संगठनात्मक ढांचा जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है और क्या पार्टी आने वाले समय में अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत कर पाती है।


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