मेटा में बड़ी छंटनी की तैयारी, 15,000 कर्मचारियों पर पड़ सकता है असर
नई दिल्ली, 14 मार्च 2026 । टेक्नोलॉजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Meta Platforms में बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी करीब 15,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है। इस कदम का असर दुनिया भर में काम कर रहे कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
फेसबुक और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी में है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में से 20% कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है। मेटा के पास 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 79,000 कर्मचारी थे, इस हिसाब से करीब 15,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी जा सकती है।
कंपनी यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ रहे अरबों डॉलर के खर्च और डेटा सेंटर्स की लागत को मैनेज करने के लिए उठा रही है। हालांकि, मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने इन खबरों को 'काल्पनिक' बताते हुए फिलहाल किसी भी छंटनी से इनकार किया है।
AI में निवेश की भरपाई के लिए छंटनी का प्लान रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा ने अपने 'सुपरइंटेलिजेंस लैब्स' (MSL) में नई प्रतिभाओं को लाने के लिए भारी निवेश किया है। कंपनी ने हाल ही में अलेक्जेंडर वांग के स्टार्टअप 'स्केल एआई' को 14.5 बिलियन डॉलर (करीब 1.21 लाख करोड़ रुपए) में खरीदा है।
इसके अलावा, मेटा ने 2028 तक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 600 बिलियन डॉलर (लगभग 50 लाख करोड़ रुपए) खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इसी भारी भरकम खर्च की भरपाई करने के लिए कंपनी वर्कफोर्स कम करने पर विचार कर रही है।
बताया जा रहा है कि कंपनी अपने खर्चों को कम करने और कारोबारी ढांचे को अधिक कुशल बनाने के लिए यह फैसला ले सकती है। पिछले कुछ समय से टेक इंडस्ट्री में आर्थिक दबाव, विज्ञापन बाजार में उतार-चढ़ाव और नई तकनीकों में निवेश की वजह से कई कंपनियां लागत कम करने के उपाय तलाश रही हैं।
Mark Zuckerberg के नेतृत्व वाली मेटा ने पहले भी अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव किए हैं। कंपनी का फोकस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी और मेटावर्स से जुड़ी तकनीकों पर अधिक बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेक कंपनियां तेजी से बदलते बाजार और नई तकनीकों के अनुसार खुद को ढालने की कोशिश कर रही हैं। इसी कारण कई कंपनियां कर्मचारियों की संख्या घटाने के साथ-साथ नए क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही हैं।
अगर यह छंटनी होती है तो यह हाल के वर्षों में टेक सेक्टर की बड़ी कटौतियों में से एक मानी जाएगी। हालांकि कंपनी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।


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