राज्यसभा चुनाव 2026 में NDA की नजर पांचवीं सीट पर, अनंत सिंह के वोट से समीकरण बदले

राज्यसभा चुनाव 2026 में NDA की नजर पांचवीं सीट पर, अनंत सिंह के वोट से समीकरण बदले

पटना, 14 मार्च 2026 । बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी National Democratic Alliance (NDA) पांचवीं सीट जीतने की रणनीति पर काम कर रहा है और इस समीकरण में बाहुबली नेता Anant Singh का वोट अहम भूमिका निभा सकता है।

मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह भले ही जेल में बंद हैं, लेकिन वे 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में वोट डाल सकेंगे। पटना के एमपी-एमएलए कोर्ट ने अनंत सिंह को बड़ी राहत देते हुए राज्यसभा चुनाव में मतदान करने की इजाजत दे दी है। हालांकि वोट डालने के तुरंत बाद अनंत सिंह को वापस जेल जाना होगा। अदालत के इस फैसले ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को बड़ी राहत मिल गई है। अब उसे राज्यसभा की पांचवी सीट जीतना थोड़ा आसान हो जाएगा। बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव के लिए 16 मार्च को वोटिंग होगी। अनंत सिंह जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) के एमएलए हैं। उनको मतदान की अनुमति मिलना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए अच्छी खबर है। राज्यसभा चुनाव में यदि अनंत सिंह को मतदान की इजाजत नहीं मिलती तो एनडीए को अब पांचवी सीट जीतने के लिए तीन नहीं, बल्कि विपक्ष के चार विधायकों से क्रॉस वोटिंग कराने की जरूरत पड़ती। पांचवी सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के समर्थन के जरूरत है, जबकि एनडीए के पास संख्या बल 38 है।

बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव में हर वोट की अहमियत बढ़ गई है। ऐसे में अनंत सिंह का मतदान करने का अधिकार NDA के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर उनका वोट NDA के पक्ष में जाता है तो गठबंधन को अतिरिक्त सीट हासिल करने में मदद मिल सकती है।

बिहार की राजनीति में अनंत सिंह का नाम लंबे समय से प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। उनके समर्थन या विरोध से कई बार चुनावी समीकरण प्रभावित हुए हैं। यही कारण है कि राज्यसभा चुनाव में उनके वोट को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि राज्यसभा चुनावों में गणित और रणनीति बेहद अहम होती है। विधायकों की संख्या, समर्थन और क्रॉस-वोटिंग की संभावना अक्सर परिणामों को प्रभावित कर देती है।

फिलहाल सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि पांचवीं सीट के लिए चल रही यह सियासी जंग किसके पक्ष में जाती है।