कोलकाता से गिरफ्तार हुआ पाकिस्तान का कथित ‘मोहरा’, NIA ने जासूसी के आरोप में जफर रियाज को दबोचा
कोलकाता, 21 मई 2026 । देश की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कोलकाता से जफर रियाज नामक एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने और संवेदनशील सुरक्षा जानकारी साझा करने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी WhatsApp और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए देश की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाता था।
आरोपी ने एक पाकिस्तानी नागरिक से शादी की थी और उसके बच्चे भी पाकिस्तान के ही नागरिक हैं। एनआईए की जांच से पता चला कि जासूसी के एक मामले में पहले भी दोषी ठहराया जा चुका जफर वर्ष 2005 से लगातार भारत और पाकिस्तान के बीच आ जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक NIA को लंबे समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों पर शक था। तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के बाद एजेंसी ने कोलकाता में छापेमारी कर आरोपी को हिरासत में लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जफर रियाज कथित तौर पर सुरक्षा प्रतिष्ठानों और संवेदनशील इलाकों से जुड़ी सूचनाएं साझा करता था। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे और वह कब से इस नेटवर्क का हिस्सा था।
जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपी मोबाइल एप्स और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करता था, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त कर लिए गए हैं। फॉरेंसिक जांच के जरिए चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और डिजिटल डेटा की पड़ताल की जा रही है।
NIA के अनुसार यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि कहीं इसके तार किसी बड़े जासूसी मॉड्यूल या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि आरोपी को आर्थिक मदद कहां से मिल रही थी और उसके विदेशी संपर्क कितने मजबूत थे।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक दौर में जासूसी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और सोशल मीडिया व मैसेजिंग ऐप्स का दुरुपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
फिलहाल NIA आरोपी से पूछताछ कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। मामले ने एक बार फिर देश की आंतरिक सुरक्षा और डिजिटल निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है।


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