‘बिहार का अगला सीएम गुजरात के फायदे के लिए’—प्रशांत किशोर का तीखा हमला,
पटना, 26 मार्च 2026 । बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है, जब चुनावी रणनीतिकार से नेता बने Prashant Kishor ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि “बिहार का अगला मुख्यमंत्री गुजरात के फायदे के लिए काम करेगा।” इस बयान ने सीधे तौर पर Nitish Kumar और Narendra Modi दोनों को सियासी निशाने पर ला दिया है।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर दोबारा निर्वाचित होने और अपने पुत्र निशांत कुमार को पार्टी में शामिल करने के साथ ही उन्होंने खुद को पिछले 35 वर्षों से बनाए गए ‘ऊंचे आदर्शों’ के मंच से नीचे उतार लिया है। इस दौरान बिहार के नए CM के बारे में पूछे जाने पर पीके ने कटाक्ष भी किया।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार की राजनीति अब स्थानीय मुद्दों से हटकर बाहरी प्रभावों के अधीन होती जा रही है। उनका कहना है कि राज्य के नेतृत्व के फैसले ऐसे लिए जा रहे हैं, जिनका सीधा लाभ किसी और राज्य—खासतौर पर गुजरात—को मिलता है, जबकि बिहार के विकास से जुड़े मूल मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जदयू और भाजपा से जुड़े नेताओं ने इस टिप्पणी को निराधार और भ्रामक बताते हुए खारिज किया है। उनका कहना है कि यह केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए दिया गया बयान है, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।
विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर का यह बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए एक रणनीतिक हमला हो सकता है। वे लगातार बिहार की राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे तीखे बयान उनके राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा हो सकते हैं।
वहीं, आम जनता के बीच भी इस बयान को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे राज्य के हितों से जुड़ा गंभीर मुद्दा मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे महज राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बता रहे हैं।
यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में इस तरह के बयान और राजनीतिक टकराव बिहार की राजनीति को और गरमा सकते हैं, जहां विकास, नेतृत्व और क्षेत्रीय हित जैसे मुद्दे प्रमुख भूमिका निभाएंगे।


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