लद्दाख में आंदोलन तेज, सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर उठी आवाजें

लद्दाख में आंदोलन तेज, सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर उठी आवाजें

नई दिल्ली । 30 सितम्बर 25 । लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में विरोध की लहर और तेज हो गई है। वांगचुक पर हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया था और उन्हें जोधपुर जेल भेजा गया है। अब उनकी रिहाई की मांग पूरे लद्दाख में जोर पकड़ रही है।

लद्दाख को राज्य का दर्जा और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत अन्य गिरफ्तार युवाओं की रिहाई की मांग तेज हो गई है। लेह एपेक्स बॉडी (LAB) के साथ ही करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने कहा है कि लद्दाख में हालात सामान्य होने तक केंद्र की उच्च अधिकार प्राप्त कमेटी से बात नहीं करेंगे।

LAB के चेयरमैन थुपस्तान छेवांग ने कहा कि लद्दाख में भय, दुख और गुस्से का माहौल है। जब तक शांति बहाल नहीं होती, हम बातचीत से दूर रहेंगे।

24 सितंबर को LAB द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान लेह में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी। 50 लोगों को दंगा फैलाने के आरोप में हिरासत में लिया गया।

आंदोलन का चेहरा बने वांगचुक को NSA में गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेजा गया है। केंद्र ने 20 सितंबर को LAB और KDA को वार्ता के लिए बुलाया था।

इधर, लेह में पिछले एक हफ्ते से जारी कर्फ्यू में मंगलवार सुबह 10 बजे से चार घंटे की ढील दी जा रही है।

गृह मंत्रालय बोला- LAB-KDA से बातचीत को तैयार केंद्र

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र लद्दाख से जुड़े मामलों पर LAB और KDA से किसी भी समय संवाद को तैयार है। गृह मंत्रालय ने भरोसा जताया कि बातचीत से सकारात्मक नतीजे मिलेंगे। LAB ने झड़पों और गिरफ्तारियों के विरोध में 6 अक्टूबर तक बातचीत से दूरी बनाई है और न्यायिक जांच और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग की है।

वांगचुक की रिहाई तक केडीए केंद्र से बातचीत में शामिल नहीं होगा

कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए ) ने कहा है कि सोनम वांगचुक की रिहाई तक वह केंद्र के साथ बातचीत में शामिल नहीं होगा। केडीए के सह अध्यक्ष असगर करबला ने कहा कि केंद्र लेह गोलीबारी की न्यायिक जांच का आदेश दे और सभी गिरफ्तार लोगों को रिहा करे। लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफ़ा ने कहा कि लद्दाख के लोग राष्ट्र-विरोधी के रूप में बताए किए जाने से नाराज हैं।