शरद पवार, अठावले समेत 26 नेता निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे, अब 11 सीटों पर होगा चुनाव

शरद पवार, अठावले समेत 26 नेता निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे, अब 11 सीटों पर होगा चुनाव

हरियाणा , 10 मार्च 2026 । राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। वरिष्ठ नेता Sharad Pawar और केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale समेत 26 उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद इन उम्मीदवारों के खिलाफ कोई अन्य प्रत्याशी नहीं बचा, जिसके कारण उन्हें बिना मतदान के ही निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

अब बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर मुकाबला होना है. जिसमें बिहार में पांच, ओडिशा में चार और हरियाणा में दो सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होंगे.

दस राज्यों की 37 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में सात राज्यों के 26 उम्मीदवार बिना मुकाबले के ही निर्वाचित हो गए. चुनाव के बीच सोमवार को शरद पवार, अठावले समेत 26 नेता बिना किसी विरोध राज्यसभा पहुंच गए. इन नेताओं को किसी भी विरोध या चुनाव का सामना नहीं करना पड़ा है. देश की राजनीति में इसे अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. निर्वाचित नेताओं में NCP (SP) सुप्रीमो शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी जैसे बड़े नाम शामिल हैं.

राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के तहत विभिन्न राज्यों से कई सीटों के लिए नामांकन दाखिल किए गए थे। हालांकि कई सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर रहने के कारण उन्हें निर्विरोध जीत मिल गई। इससे राजनीतिक दलों के बीच पहले से बने समीकरण भी साफ दिखाई दिए।

अब जिन सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या अधिक है, वहां मतदान कराया जाएगा। जानकारी के अनुसार कुल 11 सीटों पर चुनाव होना बाकी है, जहां विभिन्न दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं और मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है।

राज्यसभा, जिसे संसद का उच्च सदन कहा जाता है, में सदस्य राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित विधायकों द्वारा चुने जाते हैं। यह प्रक्रिया आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत होती है, जिससे राज्यों की राजनीतिक ताकत के अनुसार दलों को प्रतिनिधित्व मिलता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा के चुनाव अक्सर राष्ट्रीय राजनीति की दिशा को भी प्रभावित करते हैं, क्योंकि उच्च सदन में बहुमत कई महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए इन चुनावों को राजनीतिक दल काफी रणनीतिक रूप से लड़ते हैं।