खुद को मृत बताकर सेना से की ठगी, दिल्ली में पूर्व सैनिक का फर्जीवाड़ा; पत्नी पर भी FIR

खुद को मृत बताकर सेना से की ठगी, दिल्ली में पूर्व सैनिक का फर्जीवाड़ा; पत्नी पर भी FIR

नई दिल्ली, 10 मार्च 2026 । राजधानी Delhi में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पूर्व सैनिक ने खुद को मृत घोषित कराकर सेना से आर्थिक लाभ लेने की कथित साजिश रची। जांच में सामने आया कि आरोपी ने सरकारी रिकॉर्ड में अपनी मृत्यु दिखाकर मुआवजा और अन्य लाभ लेने की कोशिश की। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

दिल्ली के वसंत विहार थाने से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां भारतीय सेना के पूर्व सैनिक और उनकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. दंपति पर आरोप है कि उन्होंने आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस फंड से लाखों रुपये निकालने के लिए पूर्व सैनिक की मौत का नाटक किया. पत्नी ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, शपथपत्र और अन्य दस्तावेज जमा कर बीमा राशि का दावा किया.

पुलिस ने बताया कि अखिलेश कुमार वर्ष 1998 में बिहार रेजिमेंट में भर्ती हुए थे और 2010 में सेवा से मुक्त हुए. सेवा के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी ज्ञानती देवी को बीमा योजना में नामांकित किया था. आरोप ये भी है कि 2011 में पत्नी ने दावा किया कि अखिलेश की 17 सितंबर को करंट लगने से मौत हो गई थी. ग्राम पंचायत से बनवाए गए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज दाखिल कर तीन लाख रुपये का क्लेम किया गया. देरी से भुगतान होने पर 21,750 रुपये अतिरिक्त ब्याज भी प्राप्त हुए.

प्राथमिक जांच के अनुसार, पूर्व सैनिक ने दस्तावेजों में हेरफेर कर अपनी मौत से जुड़ी फर्जी जानकारी तैयार की और उसके आधार पर लाभ लेने का प्रयास किया। इस साजिश में उसकी पत्नी की भूमिका भी सामने आने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद पूरे मामले की गहन जांच शुरू की गई। अधिकारियों को शक हुआ कि रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी और वास्तविक तथ्यों में अंतर है। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई और फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।

पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही यह जांच भी की जा रही है कि आरोपी ने कितनी राशि का लाभ लेने की कोशिश की और क्या उसे किसी स्तर पर आर्थिक फायदा भी मिला था।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी योजनाओं या लाभों के लिए इस तरह की धोखाधड़ी गंभीर अपराध है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।