राज्यसभा चुनाव: महाराष्ट्र से शरद पवार समेत 7 प्रत्याशियों ने दाखिल किया नामांकन
नई दिल्ली, 05 मार्च 2026 । राज्यसभा चुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राज्य से कुल सात प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है, जिनमें वरिष्ठ नेता Sharad Pawar का नाम सबसे अधिक चर्चा में है। उनके साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के अन्य उम्मीदवारों ने भी नामांकन प्रक्रिया पूरी की, जिससे चुनावी मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने का गुरुवार को आखिरी दिन है। महाराष्ट्र की सात सीटों के लिए महायुति के छह उम्मीदवारों और महा विकास अघाड़ी (MVA) के शरद पवार ने नामांकन दाखिल किया।
बिहार में भाजपा के दो प्रत्याशी पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट नितिन नवीन और शिवेश कुमार ने नॉमिनेशन किया। वहीं बिहार के सीएम नीतीश कुमार अब राज्यसभा जा रहे हैं, उन्होंने भी पर्चा भरा।
अब बिहार को नया सीएम मिलेगा। नितिन और नीतीश के नामांकन में गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहे।
इधर, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 4 उम्मीदवारों कोएल मल्लिक, मेनका गुरस्वामी, राजीव कुमार और बाबुल सुप्रियो ने आज अपना नामांकन दाखिल किया।
नामांकन के दौरान कई दलों के वरिष्ठ नेता और समर्थक मौजूद रहे। चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवारों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने कागजात जमा किए। अब नामांकन पत्रों की जांच और आगे की चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव अक्सर राजनीतिक समीकरणों और गठबंधन की ताकत को दर्शाते हैं। विधानसभा में पार्टियों की संख्या बल के आधार पर उम्मीदवारों की जीत-हार तय होती है। ऐसे में विभिन्न दल अपने-अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
शरद पवार लंबे समय से भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और उनकी राजनीतिक भूमिका महाराष्ट्र के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभावशाली रही है। राज्यसभा के लिए उनका नामांकन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे संसद के उच्च सदन में उनकी मौजूदगी बनी रहने की संभावना मजबूत हो जाती है।
राज्यसभा चुनाव को लेकर अब सभी की नजरें आगे की प्रक्रिया पर टिकी हैं। नामांकन की जांच के बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची स्पष्ट होगी और फिर चुनाव की स्थिति तय होगी। महाराष्ट्र की राजनीति में यह चुनाव आने वाले समय में नए राजनीतिक संकेत भी दे सकता है।


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