एपस्टीन सेक्स स्कैंडल फाइल्स में ट्रम्प की फोटो फिर वायरल, राजनीतिक हलचल बढ़ी
वॉशिंगटन, 22 दिसंबर 2025 । जैफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल से जुड़े दस्तावेजों और फाइल्स में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो फिर से सामने आने के बाद सोशल मीडिया और मीडिया हाउस में हलचल बढ़ गई है। यह फोटो ऐसे समय में उजागर हुई है जब एपस्टीन केस से जुड़ी नई जानकारी और दस्तावेज सार्वजनिक हो रहे हैं, और अमेरिका में राजनीतिक एवं कानूनी बहस तेज हो रही है।
अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) ने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में शामिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो को फिर से जारी कर दिया है। इसमें मेलानिया ट्रम्प की भी तस्वीर है। डिपार्टमेंट ने कहा है कि इस फोटो में एपस्टीन मामले के किसी भी पीड़ित को नहीं दिखाया गया है।
न्यूयॉर्क के सरकारी वकीलों ने पहले इस तस्वीर पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि इससे पीड़ितों की पहचान उजागर होने का खतरा हो सकता था। इसलिए एहतियात के तौर पर इस तस्वीर समेत कुल 16 फाइलों को कल वेबसाइट से हटा दिया गया था। जांच के बाद ऐसा कोई खतरा नहीं मिला, इसलिए फोटो को बिना किसी बदलाव के दोबारा जारी कर दिया गया।
इससे पहले CNN ने बताया था कि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में से कई फाइलें वेबसाइट से हटा दी गई थीं। इनमें ट्रम्प की यह फोटो भी शामिल थी। कुछ अन्य फाइलों में आपत्तिजनक तस्वीरें और नोट्स थे।
अमेरिकी मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस फोटो को लेकर बहस शुरू हो गई है। ट्रम्प समर्थकों का कहना है कि इसे गलत तरीके से फैलाया जा रहा है और फोटो का प्रसंग भटकाने वाला है। वहीं विपक्षी दल इसे ट्रम्प के चरित्र और राजनीतिक निर्णयों पर सवाल उठाने का अवसर मान रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर एपस्टीन केस की गंभीरता को उजागर किया है। 2019 में एपस्टीन की मृत्यु और उसके आसपास की परिस्थितियों ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया था। अब फाइल्स और फोटो के खुलासे से यह मामला जनता और मीडिया के लिए फिर से केंद्रबिंदु बन गया है।
विपक्ष बोला- सरकार ट्रम्प को बचाने की कोशिश कर रही
तस्वीर हटाने के बाद डेमोक्रेट नेताओं ने आरोप लगाए कि सरकार ट्रम्प को बचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने साफ कहा कि इसका ट्रम्प से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि पीड़ितों के अधिकारों से जुड़े समूहों ने फोटो हटाने को कहा था, ताकि सही जांच हो सके।
जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा है कि वह पूरी पारदर्शिता रखता है और सिर्फ वही जानकारी हटाता है जो कानून के मुताबिक जरूरी हो। डिपार्टमेंट को पीड़ितों, नाबालिगों और संवेदनशील जानकारी की पहचान छिपानी होती है। DOJ ने यह भी साफ किया कि किसी बड़े या राजनीतिक व्यक्ति को बचाने के लिए कोई जानकारी नहीं हटाई जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प की फोटो के सार्वजनिक होने से कानूनी कार्रवाई पर असर पड़ेगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन राजनीतिक रूप से इसका असर जरूर देखने को मिलेगा। जनता और मीडिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि आगे इस विवाद में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।


RashtriyaPravakta